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लखनऊ में 60 दिनों के लिए धारा 163 लागू, बिना अनुमति सभा-जुलूस पर रोक

Bolta Sach News
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Section 163 imposed for 60 days in Lucknow
बोलता सच,लखनऊ : राजधानी लखनऊ और आसपास के उपनगरीय क्षेत्रों में गुरुवार से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। यह आदेश अगले 60 दिनों यानी 19 जुलाई तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने बकरीद, बड़ा मंगल, मोहर्रम जैसे धार्मिक आयोजनों और विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं को देखते हुए यह फैसला लिया है।
पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार की ओर से जारी किया गया। अधिकारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी प्रतिबंधों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के अनुसार बिना अनुमति पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने या सभा आयोजित करने पर रोक रहेगी। किसी भी धार्मिक आयोजन, भंडारे, चल समारोह, मजलिस या संगीत कार्यक्रम के लिए पहले प्रशासन से अनुमति लेना जरूरी होगा। साथ ही रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है।
निषेधाज्ञा के तहत विधानसभा भवन और उसके आसपास ट्रैक्टर-ट्रॉली, घोड़ा गाड़ी, ज्वलनशील पदार्थ और हथियार लेकर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। लालबत्ती चौराहा, पार्क रोड, सिविल अस्पताल, अटल चौक, बंदरिया बाग, गोल्फ क्लब और कैसरबाग समेत कई इलाकों में धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी।
राजधानी में लोकभवन, मुख्यमंत्री आवास, विधान भवन और अन्य सरकारी कार्यालयों के आसपास ड्रोन उड़ाने और शूटिंग करने पर भी रोक लगाई गई है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट, अफवाह या सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन ने चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया है। वहीं ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों, जैसे जोमैटो, स्विगी और ब्लिंकिट के डिलीवरी बॉय का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया गया है। साइबर कैफे संचालकों को ग्राहकों की पहचान दर्ज करने और रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा मकान मालिकों से भी किरायेदारों का पुलिस सत्यापन कराने को कहा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा।

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