अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि कॉल सेंटर के माध्यम से श्रमिक बिना किसी दिक्कत के अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 01204126892 और ईमेल आईडी complaint.dlcnoida@gmail.com जारी की गई है। इस व्यवस्था से शिकायतों के शीघ्र निस्तारण में मदद मिलेगी और श्रमिकों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
इस बीच, हाल ही में नोएडा में हुए श्रमिक हिंसा के मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सख्त कार्रवाई भी की है। जिला प्रशासन ने 25 ठेकेदारों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, इन ठेकेदारों के श्रमिक आंदोलन के दौरान तोड़फोड़ और हिंसा में शामिल पाए गए थे।
श्रम विभाग की जांच में यह भी सामने आया कि कई संविदाकार श्रम कानूनों का पालन नहीं कर रहे थे और श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी कर रहे थे। ऐसे मामलों में पहले नोटिस जारी किए गए, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर यह कड़ी कार्रवाई की गई। इससे पहले भी 18 अप्रैल को 10 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त किए गए थे।
जानकारी के मुताबिक, करीब 246 संविदाकारों की सूची तैयार की गई है, जिनमें अनियमितताएं पाई गई हैं। इनमें से 203 ठेकेदारों पर कुल 1.16 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही, लाइसेंस रद्द किए गए ठेकेदारों की सूची ईएसआई और ईपीएफओ विभाग को भी भेजी गई है, ताकि वे भी आवश्यक कार्रवाई कर सकें।
अपर श्रमायुक्त ने कहा कि जिले की औद्योगिक इकाइयों में शांति बनाए रखना और श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध गतिविधियों में शामिल ठेकेदारों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
वहीं, कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए नोएडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की अशांति या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।