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अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात, अवैध निर्माण मामले में बढ़ी हलचल

Bolta Sach News
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Outside Abhishek Banerjee's residence
बोलता सच,कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला कथित अवैध निर्माण और संपत्तियों की जांच से जुड़ा हुआ है। सोमवार को उनके शांति निकेतन स्थित आवास के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती देखी गई, जिससे इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। सूत्रों के मुताबिक पुलिस की मौजूदगी जांच और संभावित छापेमारी की कार्रवाई का हिस्सा मानी जा रही है।

इस घटनाक्रम से पहले कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने अभिषेक बनर्जी और उनके परिवार से जुड़ी कई संपत्तियों को लेकर नोटिस जारी किए थे। बताया गया कि नगर निगम ने अवैध निर्माणों के आरोपों के तहत जांच शुरू की है। हालांकि नोटिस जारी होने के बाद अभिषेक बनर्जी की ओर से तत्काल कोई जवाब नहीं दिया गया था, जिसके बाद प्रशासनिक गतिविधियां और तेज हो गईं।

रविवार को अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता नगर निगम को एक पत्र लिखकर नोटिस का जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेजों और तथ्यों को एकत्र करने के लिए उन्हें कुछ समय की आवश्यकता है। इसके बाद भी मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की निगरानी जारी रही।

दरअसल, कोलकाता नगर निगम ने अधिनियम 1980 की धारा 400(1) के तहत कुल 17 संपत्तियों को नोटिस जारी किए हैं। इन संपत्तियों को लेकर आरोप है कि वहां निर्माण नियमों का उल्लंघन हुआ है। केएमसी अधिकारियों के अनुसार, जांच प्रक्रिया के तहत नोटिसों की प्रतियां संबंधित प्रॉपर्टीज की दीवारों पर भी चस्पा की गई हैं।

जांच के दायरे में आई संपत्तियों में अभिषेक बनर्जी के दो प्रमुख आवास भी शामिल हैं। पहला आवास 188ए हरीश मुखर्जी रोड पर स्थित है, जबकि दूसरा 121 कालीघाट रोड पर मौजूद है। दोनों प्रॉपर्टी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बेहद करीब हैं, जिससे यह मामला राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील हो गया है।

हरीश मुखर्जी रोड स्थित संपत्ति के संबंध में ‘लीप्स एंड बाउंड्स प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि इस कंपनी का स्वामित्व कथित तौर पर बनर्जी परिवार के पास है। वहीं कालीघाट रोड स्थित संपत्ति के मामले में अभिषेक बनर्जी की मां लता बनर्जी को नोटिस भेजा गया है।

इस पूरे मामले ने बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी लंबे समय से आरोप लगाते रहे हैं कि बनर्जी परिवार के विभिन्न सदस्यों के नाम पर बड़ी संख्या में संपत्तियां दर्ज हैं। विपक्ष का दावा रहा है कि इन संपत्तियों की जांच होनी चाहिए और निर्माण नियमों के पालन की पुष्टि की जानी चाहिए।

हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले भी इन आरोपों को विपक्ष की राजनीतिक साजिश और कीचड़ उछालने की कोशिश बता चुकी हैं। उनका कहना रहा है कि विपक्ष जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे आरोप लगाता है।

इसी बीच अभिषेक बनर्जी को नोटिस भेजे जाने के मुद्दे पर ममता banर्जी ने कोलकाता के टीएमसी पार्षदों की एक बैठक बुलाई थी। लेकिन बताया जा रहा है कि 136 पार्षदों में से काफी कम संख्या में ही पार्षद बैठक में पहुंचे। इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कोलकाता नगर निगम की जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है और अभिषेक बनर्जी की ओर से नोटिसों का क्या जवाब दिया जाता है।


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