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गाजियाबाद में अवैध मदरसों पर कार्रवाई तेज, सरकारी जमीन पर बना 30 वर्ष पुराना मदरसा ध्वस्त

Bolta Sach News
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Action taken against illegal madrasas in Ghaziabad

बोलता सच,गाजियाबाद। जिले में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में मंगलवार को मसूरी थाना क्षेत्र के कुशलिया गांव में सरकारी जमीन पर बने करीब 25 से 30 वर्ष पुराने फैज-ए-आम मदरसा मिस्बाह उल उलूम को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन का दावा है कि मदरसा राजस्व विभाग के अभिलेखों में दर्ज सरकारी भूमि पर अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था।

कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई थी।

जांच में सामने आया सरकारी भूमि पर कब्जा

सदर एसडीएम अरुण दीक्षित ने बताया कि राजस्व विभाग की जांच में कुशलिया गांव की खसरा संख्या 1061 और 1063 की भूमि, जो अभिलेखों में खाद के गड्ढे और सार्वजनिक रास्ते के रूप में दर्ज है, पर लगभग 880 वर्गमीटर क्षेत्र में अवैध कब्जा पाया गया।

जांच के दौरान पता चला कि इसी भूमि पर फैज-ए-आम मदरसा मिस्बाह उल उलूम का निर्माण कर उसका संचालन किया जा रहा था। मामले में संबंधित पक्ष यामीन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, लेकिन निर्धारित समयावधि में संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया।

इसके बाद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ के निर्देश पर प्रशासन, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई की।

निर्माता का हो चुका है निधन

प्रशासन के अनुसार, मदरसे का निर्माण कराने वाले हाजी यूनुस का पहले ही निधन हो चुका है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी की गई।

डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी हो चुकी हैं कई कार्रवाइयां

खोड़ा कॉलोनी में हुए सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद जिले में अवैध मदरसों और मजारों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई तेज हुई है। इससे पहले खोड़ा क्षेत्र में दो और इंदिरापुरम के कनावनी में एक मदरसे को सील किया जा चुका है।

इसके अलावा हाल ही में डासना के कल्लूगढ़ी क्षेत्र में एक अवैध मदरसे पर कार्रवाई की गई थी, जबकि ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बनी एक पुरानी मजार को भी हटाया गया था।

प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा और जहां भी अवैध कब्जे पाए जाएंगे, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



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