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देवरिया: संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम का सख्त रुख, लापरवाही पर राजस्व निरीक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि, दूसरे को नोटिस

Bolta Sach News
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Deoria On the day of complete resolution

बोलता सच,देवरिया : सदर तहसील में सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने राजस्व मामलों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। समीक्षा के दौरान एक राजस्व निरीक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) दी गई, जबकि दूसरे राजस्व निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धारा-24, धारा-116 और निर्विवाद वरासत से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिजीत आर. शंकर के साथ फरियादियों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों का एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व वादों के निपटारे में देरी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

जनसुनवाई में उठीं भूमि विवाद और अतिक्रमण की शिकायतें

जनसुनवाई के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। बसडीला निवासी सीमा शर्मा ने भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत की। वहीं, सिरजम निवासी रामानंद यादव ने बताया कि धारा-24 के तहत आदेश पारित होने के बावजूद अब तक जमीन पर कार्रवाई नहीं हुई है।

इसी तरह अरईपार निवासी बसंत यादव ने राजस्व अभिलेखों में अपने पिता का नाम गलत दर्ज होने की शिकायत दर्ज कराई, जबकि पथरदेवा निवासी प्रेमलता ने अपनी भूमिधरी भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया। जिलाधिकारी ने सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों को मौके पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

रिकॉर्ड निरीक्षण में मिली लापरवाही

तहसील के राजस्व अभिलेखों के निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि राजस्व निरीक्षक अशोक कुमार ने धारा-116 के तहत पारित आदेश का एक वर्ष बीत जाने के बाद भी अनुपालन सुनिश्चित नहीं कराया। इस गंभीर लापरवाही पर जिलाधिकारी ने उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।

इसके अलावा, विशुनपुरा बाजार के तत्कालीन लेखपाल एवं वर्तमान राजस्व निरीक्षक उपेंद्र प्रजापति के खिलाफ भी कार्य में लापरवाही पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व मामलों में किसी भी स्तर पर उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।

144 शिकायतें, 8 का मौके पर समाधान

संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 144 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 8 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष 136 मामलों को संबंधित विभागों को भेजते हुए एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

प्राप्त शिकायतों में सर्वाधिक 44-44 मामले पुलिस विभाग से संबंधित रहे। इसके अलावा 42 शिकायतें राजस्व विभाग तथा 14 मामले विकास विभाग से जुड़े थे। अन्य शिकायतें विभिन्न विभागों से संबंधित थीं।

अधिकारियों ने किया पौधरोपण और निरीक्षण

कार्यक्रम के समापन के बाद जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिजीत आर. शंकर और उपजिलाधिकारी ने तहसील परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद अधिकारियों ने तहसील परिसर और तहसीलदार न्यायालय का निरीक्षण किया। उन्होंने साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर बनाए रखने, अभिलेखों को व्यवस्थित रखने तथा लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। इसके लिए सभी विभागीय अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा, ताकि लोगों को समय पर न्याय और सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके।



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