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प्रयागराज हत्याकांड का खुलासा: बड़े बेटे ने दोस्त संग रची थी परिवार की हत्या की साजिश, गहनों के विवाद में खुद भी बना शिकार

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Prayagraj murder case revealed
बोलता सच,प्रयागराज। साउथ मलाका स्थित कारोबारी परिवार के चारहरे हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि कारोबारी वीरेंद्र वैश्य के बड़े बेटे अभिषेक वैश्य ने अपने मित्र सनी गुप्ता के साथ मिलकर माता-पिता और बहन की हत्या की साजिश रची थी। हालांकि वारदात के बाद लूटे गए गहनों के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद सनी ने अभिषेक की भी हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार, 2 जून को साउथ मलाका स्थित एक मकान में कारोबारी वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी अंकिता, बेटी मीनाक्षी और बेटे अभिषेक के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। प्रारंभिक जांच में मामला रहस्यमय प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सनी गुप्ता को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।
जांच में सामने आया कि अभिषेक वैश्य आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान था। पुलिस के मुताबिक, उसने अपने दोस्त सनी गुप्ता के साथ मिलकर परिवार की हत्या कर घर में रखे आभूषण और कीमती सामान हड़पने की योजना बनाई थी। बताया गया कि अभिषेक का अपने पिता से संपत्ति और आर्थिक मामलों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन सबसे पहले अभिषेक और सनी ने उसकी बहन मीनाक्षी पर लोहे की रॉड से हमला किया। इसके बाद दोनों ने ऊपरी मंजिल पर जाकर माता-पिता की भी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद उन्होंने जांच को भटकाने के उद्देश्य से घर में एक संदेश लिखकर दूसरे लोगों को फंसाने की कोशिश की।
पुलिस पूछताछ में आरोपी सनी ने बताया कि वारदात के बाद दोनों ने घर से गहने और अन्य कीमती सामान निकाला। इसी दौरान हिस्सेदारी को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। सनी का आरोप है कि अभिषेक उसे तय हिस्से से कम आभूषण देना चाहता था। विवाद बढ़ने पर उसने उसी लोहे की रॉड से अभिषेक की भी हत्या कर दी।
इसके बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के लिए घटनास्थल पर डिटर्जेंट, ब्लीचिंग पाउडर, सफाई सामग्री और अन्य पदार्थों का इस्तेमाल किया। उसने पानी की टंकी और घर के कई हिस्सों को साफ करने का भी प्रयास किया ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर लगभग एक किलोग्राम सोना, आधा किलोग्राम चांदी तथा हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड बरामद करने का दावा किया है। मामले में वीरेंद्र वैश्य के भांजे की तहरीर पर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। साथ ही बरामद साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की विवेचना जारी है।
उल्लेखनीय है कि कारोबारी वीरेंद्र वैश्य की हीवेट रोड स्थित मार्केट में कई दुकानें किराये पर संचालित होती हैं। परिवार ऊपरी मंजिल पर रहता था। घटना का खुलासा तब हुआ जब मकान से दुर्गंध आने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो चारों शव बरामद हुए थे।

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