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किशनगंज इंजीनियरिंग कॉलेज की कई छात्राएं बीमार, तीन दिनों से अस्पताल पहुंच रहीं छात्राएं; फूड पॉइजनिंग की आशंका

Bolta Sach News
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Kishanganj Engineering College

बोलता सच,किशनगंज : बिहार के किशनगंज शहर के महेशबथना स्थित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज की कई छात्राओं के बीमार पड़ने का मामला सामने आया है। मंगलवार रात तबीयत बिगड़ने के बाद कुछ छात्राओं को किशनगंज सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पिछले तीन दिनों से पेट दर्द और अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों के साथ कॉलेज की छात्राएं लगातार अस्पताल पहुंच रही हैं, जिससे कॉलेज प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं।

मंगलवार देर रात एक छात्रा की हालत गंभीर बताई गई। उसे तत्काल सदर अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने काफी देर तक उसका इलाज किया। उपचार के बाद छात्रा की हालत में सुधार होने की जानकारी सामने आई है।

पेट दर्द और चेस्ट पेन की शिकायत

मंगलवार दिन में भी कॉलेज की तीन छात्राएं पेट दर्द और चेस्ट पेन की शिकायत लेकर सदर अस्पताल पहुंची थीं। इनमें से दो छात्राओं को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि एक छात्रा को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। अस्पताल सूत्रों और एंबुलेंस चालकों के मुताबिक, पिछले तीन दिनों से एक जैसी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर कॉलेज की छात्राएं अस्पताल पहुंच रही हैं। लगातार कई छात्राओं के बीमार पड़ने से उनके स्वास्थ्य खराब होने की वजह को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

दूषित पानी या फूड पॉइजनिंग की आशंका

सदर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने शुरुआती तौर पर फूड पॉइजनिंग या दूषित पानी की वजह से तबीयत बिगड़ने की आशंका जताई है। हालांकि, डॉक्टरों के मुताबिक छात्राओं के बीमार होने की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। छात्राओं के खाने और पानी के सैंपल की जांच समेत अन्य पहलुओं की पड़ताल के बाद ही स्थिति साफ होने की उम्मीद है।

प्रोफेसर ने व्रत को बताया संभावित वजह

वहीं, कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर अभिषेक कुमार रवि ने फोन पर बताया कि सोमवार को व्रत रखने के कारण भी कुछ छात्राओं की तबीयत खराब हो सकती है। हालांकि, लगातार तीन दिनों से छात्राओं के अस्पताल पहुंचने के कारण इस मामले में अन्य संभावित कारणों की जांच भी जरूरी मानी जा रही है।

गंभीर हालत में भी अस्पताल नहीं पहुंचा कॉलेज का जिम्मेदार अधिकारी

मामले में कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। गंभीर स्थिति में छात्राओं को अस्पताल लाए जाने के दौरान कॉलेज की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था। कॉलेज के हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉ. नीरज से जब मामले को लेकर जानकारी ली गई तो उन्होंने घटना की जानकारी नहीं होने की बात कही। उन्होंने बताया कि उन्हें अभी मामले की जानकारी मिली है और वह सदर अस्पताल पहुंच रहे हैं।

फिलहाल छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है। स्वास्थ्य विभाग और कॉलेज प्रशासन की जांच के बाद ही यह पता चल सकेगा कि बीमारी का कारण दूषित भोजन, पानी, व्रत या कोई अन्य वजह है।


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