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12 दिन, 4.5 करोड़ कांवड़िए और 60 हजार जवान: यूपी में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई कांवड़ यात्रा

Bolta Sach News
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12 days, 4.5 crore Kanwariyas

बोलता सच,लखनऊ : उत्तर प्रदेश में सावन के दौरान 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चली कांवड़ यात्रा इस बार बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल रही। करीब 12 दिनों तक यूपी और उत्तराखंड की सड़कों पर कांवड़ियों का सैलाब नजर आया। अनुमान के मुताबिक करीब 4.5 करोड़ कांवड़ियों ने इस यात्रा में हिस्सा लिया। हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करीब 4.8 करोड़ बताई गई।

श्रावण शिवरात्रि के दिन 11 अगस्त को शिव भक्तों ने हरिद्वार, गंगोत्री और गंगा के अन्य घाटों से लाया गया गंगाजल विभिन्न शिवालयों में चढ़ाकर यात्रा का समापन किया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद और सहारनपुर समेत कई जिलों में बड़ी संख्या में कांवड़िए दिखाई दिए।

60 हजार से अधिक जवानों ने संभाली सुरक्षा

इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। कांवड़ यात्रा मार्गों पर 60 हजार से अधिक पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान तैनात किए गए। इनमें यूपी पुलिस, पीएसी, सीआरपीएफ, एटीएस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवान शामिल रहे।

संवेदनशील इलाकों और प्रमुख चौराहों पर 30 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। इसके अलावा ड्रोन के जरिए भी लगातार नजर रखी गई। प्रमुख कांवड़ मार्गों पर स्थानीय पुलिस के साथ अतिरिक्त सुरक्षा बलों की कंपनियां तैनात की गई थीं।

अराजक तत्वों पर जीरो टॉलरेंस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे। अराजकता, उपद्रव और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

यात्रा मार्गों पर मांस की दुकानों को बंद रखने, दुकानदारों के लिए नेम प्लेट लगाने और डीजे की आवाज व कांवड़ की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने के निर्देश दिए गए। प्रशासन को सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया था।

18 बाइक एंबुलेंस और 32 स्वास्थ्य शिविर

कांवड़ियों की स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए छह प्रमुख मार्गों पर 18 बाइक एंबुलेंस तैनात की गईं। इसके अलावा 32 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। बाइक एंबुलेंस का उद्देश्य भीड़ और संकरे रास्तों में जरूरतमंद श्रद्धालुओं तक तत्काल चिकित्सा सहायता पहुंचाना था।

कई मार्गों से गुजरे शिवभक्त

हरिद्वार से दिल्ली-एनसीआर की ओर जाने वाले कांवड़ियों ने एनएच-34 के अलावा चौधरी चरण सिंह पटरी कांवड़ मार्ग का भी इस्तेमाल किया। बदायूं-बरेली मार्ग से कछला घाट का गंगाजल लेकर श्रद्धालु विभिन्न शिवालयों तक पहुंचे। वहीं हरिद्वार से बागपत के पुरा महादेव मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर भी बड़ी संख्या में शिवभक्त नजर आए।

कुछ जगह विवाद की स्थिति भी बनी

यात्रा के दौरान कुछ स्थानों पर डीजे की निर्धारित सीमा, तेज आवाज और हथियार लेकर चलने को लेकर विवाद की स्थिति बनी। मुजफ्फरनगर में पुलिस ने लाठी-डंडे और फरसे लेकर चल रहे कुछ युवकों के खिलाफ कार्रवाई की और हथियार बरामद किए।

हालांकि इन छिटपुट घटनाओं के बावजूद प्रशासन ने बड़े पैमाने पर आयोजित कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने का दावा किया। करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी, जिसे व्यापक सुरक्षा इंतजामों के जरिए संभाला गया।


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