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देवरिया: पोषण समिति की बैठक में डीएम सख्त, एक सप्ताह में पूरे हों अधूरे आंगनबाड़ी केंद्र, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

Bolta Sach News
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Deoria Nutrition Committee meeting
बोलता सच,देवरिया : जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बाल विकास विभाग के अंतर्गत गठित जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पोषण अभियान, आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में वर्ष 2022-23 और 2023-24 के तहत निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि अधिकांश केंद्रों में केवल छोटे-छोटे कार्य शेष हैं। इस पर जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर सभी अधूरे आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण हर हाल में पूरा कराया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इसलिए इनके निर्माण कार्य में किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से नियमित निगरानी करने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में जिलाधिकारी ने सीडीपीओ, सुपरवाइजर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को टीम भावना के साथ काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) नियमित रूप से कार्यों का अनुश्रवण करें, जबकि सुपरवाइजर अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करें और योजनाओं के प्रभावी संचालन की निगरानी करें।

उन्होंने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में मातृ मृत्यु या शिशु मृत्यु की घटनाएं हुई हैं अथवा संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र संघर्षशील श्रेणी में हैं, वहां आयोजित होने वाली ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति (वीएचएसएनसी) की बैठकों में सीडीपीओ और सुपरवाइजर की उपस्थिति अनिवार्य होगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी क्षेत्र में मातृ या शिशु मृत्यु होती है तो संबंधित सुपरवाइजर के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी।

बैठक के दौरान डीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजरों को नियमित रूप से होम विजिट करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पोषण ट्रैकर और ई-कवच पोर्टल के माध्यम से लाभार्थियों की ड्यू-लिस्ट का मिलान सुनिश्चित करने को कहा, ताकि गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को समय पर सभी आवश्यक सेवाएं मिल सकें।

जिलाधिकारी ने कहा कि पोषण अभियान की सफलता केवल कागजी आंकड़ों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्यान्वयन से तय होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि विभागीय योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही उन्होंने मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रत्येक मामले का ऑडिट कर कारणों का विश्लेषण करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी आदिश मिश्रा, सभी सीडीपीओ, सुपरवाइजर, खंड विकास अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में कुपोषण मुक्त वातावरण बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास करने का आह्वान किया।


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