32 वर्षीय रत्ना सिंह लखनऊ के गोमती नगर विस्तार स्थित मानसून सैलून में मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं। 12 मई को उन्होंने शालीमार विस्टा अपार्टमेंट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले बनाए गए 26 सेकंड के वीडियो में उन्होंने सैलून संचालक शरद सिंह, उसकी पत्नी पल्लवी जोशी, मंगल यादव, प्रशांत शर्मा और वैशाली पर गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो में रत्ना ने कहा था कि उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब रत्ना के पिता सुधीर सिंह ने योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर न्याय की मांग की। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने सबसे पहले होटल मैनेजर मंगल यादव को देवरिया जिले के खुखुंदु क्षेत्र स्थित उसके गांव से गिरफ्तार किया। इसके बाद मुख्य आरोपी शरद सिंह और उसके दो अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वहीं, शरद सिंह की पत्नी पल्लवी जोशी को मुंबई से गिरफ्तार किया गया।
प्रशासन ने आरोपियों की संपत्तियों पर भी कार्रवाई की है। लखनऊ में संचालित विरासत इंपल्स और मानसून सैलून को सीज कर दिया गया है। साथ ही आरोपियों की संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई भी की गई है।
मंगलवार शाम गोरखपुर में रत्ना सिंह के परिजनों और स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित बिछिया मॉडल कॉलोनी में रत्ना के घर शोक व्यक्त करने वालों का लगातार तांता लगा हुआ है।
रत्ना के पिता सुधीर सिंह, जो रेलवे कर्मचारी हैं, ने कहा कि उनकी बेटी को इस हद तक प्रताड़ित किया गया कि वह आत्महत्या करने को मजबूर हो गई। उन्होंने कहा कि परिवार ने अपना सबकुछ खो दिया है और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। रत्ना की मां कुमकुम सिंह भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रह चुकी हैं और पूर्व में पार्षद भी रह चुकी हैं।
पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी शरद सिंह का संबंध कई प्रभावशाली लोगों और बाहुबली मुन्ना बजरंगी के परिवार से भी जुड़ा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और आर्थिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है।