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ग्रेटर नोएडा: यथार्थ अस्पताल पर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप, पीड़ित ने पैर गंवाने के बाद डीएम से लगाई न्याय की गुहार

Bolta Sach News
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Greater Noida At Yatharth Hospital

बोलता सच,ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के दनकौर क्षेत्र के नवादा गांव निवासी ओमवीर सिंह ने ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पी-3 स्थित यथार्थ अस्पताल पर गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया है। सोमवार को जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में कथित गलत उपचार और लापरवाही के कारण उन्हें अपना एक पैर गंवाना पड़ा। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी चिकित्सकों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई तथा उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

इलाज पर 8.20 लाख रुपये खर्च होने का दावा

ओमवीर सिंह के अनुसार, अप्रैल माह में सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां ऑपरेशन के लिए करीब सात लाख रुपये जमा कराए गए। बाद में डॉक्टरों ने पैरों में संक्रमण बढ़ने की बात कहकर लगभग 1.20 लाख रुपये अतिरिक्त जमा कराए। इस तरह इलाज पर कुल करीब 8.20 लाख रुपये खर्च होने का दावा किया गया है। पीड़ित का कहना है कि इलाज के दौरान उन्हें लगातार यह भरोसा दिया जाता रहा कि उनका पैर पूरी तरह ठीक हो जाएगा।

संक्रमण का हवाला देकर बढ़ाया गया खर्च

शिकायत में ओमवीर सिंह ने आरोप लगाया कि उपचार के दौरान डॉक्टर बार-बार संक्रमण बढ़ने की बात कहते रहे और इसी आधार पर उनसे अतिरिक्त धनराशि ली जाती रही। उनका कहना है कि उन्हें उपचार की वास्तविक स्थिति और चिकित्सकीय प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआत में पैर बचाने का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में अचानक डॉक्टरों ने पैर काटने की आवश्यकता बताते हुए ऑपरेशन कर दिया।

रॉड सही तरीके से नहीं लगाने का आरोप

पीड़ित का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान पैर में डाली गई रॉड सही तरीके से नहीं लगाई गई, जिससे संक्रमण लगातार बढ़ता गया। बाद में जब उन्होंने दूसरे अस्पताल में जांच कराई तो वहां उन्हें इलाज में कथित गंभीर लापरवाही की जानकारी मिली। ओमवीर सिंह का दावा है कि यदि शुरुआत से सही उपचार किया जाता तो उनका पैर बचाया जा सकता था।

परिवार पर आया आर्थिक संकट

पीड़ित ने बताया कि वह अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं। एक पैर कट जाने के बाद उनके लिए रोजगार करना बेहद कठिन हो गया है, जिससे पूरे परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता, उचित मुआवजा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

जांच समिति की कार्यप्रणाली पर भी सवाल

ओमवीर सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया था, लेकिन अब तक उन्हें जांच रिपोर्ट या किसी प्रकार की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जांच प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और यदि चिकित्सकीय लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित अस्पताल और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

नोट: यह समाचार पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है तथा अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


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