Breaking News

टीएमसी में बगावत के दावे से मचा सियासी हड़कंप, 20 सांसदों के एनसीपीआई में विलय की चर्चा

Bolta Sach News
|
Claims of rebellion in TMC create ruckus
बोलता सच,कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 सांसदों के एक कथित बागी गुट द्वारा खुद को नेशनल कांग्रेस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय करने का दावा सामने आया। रिपोर्टों के अनुसार, बागी सांसदों ने दल-बदल विरोधी कानून के प्रावधानों के तहत अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है।
बताया जा रहा है कि सांसदों के इस समूह ने एनसीपीआई की संगठनात्मक कमान भी अपने हाथ में ले ली है। काकोली घोष दस्तीदार को पार्टी का नया अध्यक्ष चुने जाने की चर्चा है। कहा जा रहा है कि उन्हें 30 मई को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई, जब तत्कालीन अध्यक्ष शेवली कुंडू ने पद छोड़ दिया।
एनसीपीआई का पंजीकरण जनवरी 2023 में एक राजनीतिक दल के रूप में हुआ था। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार पार्टी का पंजीकृत कार्यालय हावड़ा जिले के संकराइल क्षेत्र में स्थित है। पार्टी ने वर्ष 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भी उम्मीदवार उतारे थे, हालांकि उसे सीमित चुनावी सफलता मिली थी।
सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र देकर टीएमसी से अलग होने और एनसीपीआई में विलय की जानकारी दी है। उनका कहना है कि लोकसभा में टीएमसी के कुल सांसदों में से दो-तिहाई से अधिक सदस्य उनके साथ हैं, जिससे उनकी स्थिति दल-बदल विरोधी कानून के तहत मजबूत हो सकती है।
इस घटनाक्रम के बीच भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं के साथ बागी सांसदों के संपर्क में होने की भी चर्चा है। हालांकि, भाजपा नेतृत्व की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, बागी गुट ने लोकसभा अध्यक्ष से यह भी अनुरोध किया है कि उन्हें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दल के रूप में मान्यता देने और संसद में उचित सीट आवंटन पर विचार किया जाए।
उधर, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अभी तक टीएमसी की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होती है और संबंधित संवैधानिक प्रक्रियाएं पूरी होती हैं, तो इसका असर पश्चिम बंगाल की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी देखने को मिल सकता है।
फिलहाल पूरे मामले पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है और सभी पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रियाओं का इंतजार किया जा रहा है।

इसे भी पढ़े : पुणे से सीजेपी ने छेड़ी शिक्षा सुधार की मुहिम, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई


Discover more from Bolta Sach News - बोलता सच न्यूज़ - सच लिखने का साहस

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

1 thought on “टीएमसी में बगावत के दावे से मचा सियासी हड़कंप, 20 सांसदों के एनसीपीआई में विलय की चर्चा”

Leave a Reply

error: