बोलता सच,लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में हुए प्रशासनिक फेरबदल के तहत कन्नौज में तैनात पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) डॉ. प्रियंका बाजपेयी का तबादला कानपुर कर दिया गया है। तबादले के बाद उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों, यूपी पीसीएस परीक्षा में शानदार सफलता और संघर्षपूर्ण सफर की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। गोल्ड मेडलिस्ट और पीएचडी धारक डॉ. प्रियंका आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा मानी जाती हैं, जो नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
लखनऊ से शुरू हुई सफलता की कहानी
मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली डॉ. प्रियंका बाजपेयी शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। उन्होंने स्नातक के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय से लोक प्रशासन (पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन) विषय में परास्नातक की डिग्री प्राप्त की। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने इसी विषय में पीएचडी पूरी की।
एक्साइज इंस्पेक्टर से डीएसपी बनने तक का सफर
डॉ. प्रियंका बाजपेयी का चयन पहले एक्साइज इंस्पेक्टर के पद पर हुआ था। हालांकि उनका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाना था, इसलिए उन्होंने नौकरी के साथ-साथ अपनी तैयारी जारी रखी।
लगातार मेहनत और समर्पण के बल पर उन्होंने वर्ष 2017 में अपने तीसरे प्रयास में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपी पीसीएस) परीक्षा उत्तीर्ण की। इस परीक्षा में उन्होंने प्रदेश में छठी रैंक हासिल कर टॉप-10 में स्थान बनाया और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) पद के लिए चयनित हुईं।
तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से बनाई दूरी
हालांकि वर्तमान में डॉ. प्रियंका सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं, लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान उन्होंने करीब दो वर्षों तक सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी थी।
एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया था कि सिविल सेवा जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी करते समय सोशल मीडिया का सीमित और सकारात्मक उपयोग ही लाभदायक होता है। उनका मानना है कि इसका उपयोग ज्ञान और जानकारी बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए, न कि समय बर्बाद करने के लिए।
सोशल मीडिया पर भी हैं लोकप्रिय
डॉ. प्रियंका बाजपेयी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर भी काफी लोकप्रिय हैं। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 43 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं। युवा वर्ग उनके कार्यों, जीवनशैली और प्रेरणादायक अनुभवों में विशेष रुचि रखता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें मॉडलिंग और फोटोग्राफी का भी शौक है, जिसकी वजह से उनकी तस्वीरें अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनती रहती हैं।
युवाओं को देती हैं बैकअप प्लान की सलाह
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को डॉ. प्रियंका हमेशा वैकल्पिक करियर विकल्प तैयार रखने की सलाह देती हैं। उनका कहना है कि सिविल सेवा जैसी परीक्षाओं में सफलता मिलने में समय लग सकता है, इसलिए युवाओं को एक मजबूत बैकअप प्लान भी तैयार रखना चाहिए।
उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि यदि उनका चयन प्रशासनिक सेवा में नहीं होता, तो वह अपनी पीएचडी के आधार पर शिक्षण क्षेत्र में करियर बनाते हुए प्रोफेसर बनने की दिशा में आगे बढ़तीं।
तबादले के बाद फिर चर्चा में आईं अधिकारी
कन्नौज से कानपुर तबादले के बाद डॉ. प्रियंका बाजपेयी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां, नौकरी के साथ की गई तैयारी और यूपी पीसीएस परीक्षा में हासिल की गई सफलता आज भी हजारों युवाओं को प्रेरित करती है। यही कारण है कि उनका नाम उत्तर प्रदेश की चर्चित महिला पुलिस अधिकारियों में प्रमुखता से लिया जाता है।
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