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शंकराचार्य को फंसाने की साजिश का दावा, वाराणसी में युवक ने लगाए गंभीर आरोप

Bolta Sach News
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Conspiracy to trap Shankaracharya

बोलता सच,वाराणसी : उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर निवासी एक युवक ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर बड़ा दावा किया है। युवक का आरोप है कि उसे शंकराचार्य को फंसाने के लिए झूठा मामला दर्ज कराने का प्रलोभन दिया गया था। उसने कहा कि उसने इस साजिश में शामिल होने से इनकार कर दिया और पूरी बात वाराणसी पहुंचकर शंकराचार्य को बताई।

युवक का दावा: बेटियों के जरिए फंसाने का प्रस्ताव

मीडिया से बातचीत में युवक ने बताया कि तीन अज्ञात लोग उसके घर आए और उसके पिता का नाम लेकर बातचीत शुरू की। इसके बाद फोन पर उसकी बात आशुतोष ब्रह्मचारी (आशुतोष पांडेय) से कराई गई। युवक के अनुसार, उससे कहा गया कि वह अपनी नाबालिग बेटियों के साथ गलत काम का आरोप शंकराचार्य पर लगा दे। बदले में सुरक्षा की गारंटी देने की बात कही गई।

युवक ने दावा किया कि उसने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और कहा कि उसका न तो आशुतोष पांडेय से कोई संबंध है और न ही शंकराचार्य के मठ से।

शंकराचार्य बोले- मेरे खिलाफ बड़ी साजिश

युवक के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अब उन्हें अपने खिलाफ बड़ी साजिश की आशंका हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को लालच देकर उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाने के लिए उकसाया जा रहा है।

प्रयागराज में दर्ज है एफआईआर

गौरतलब है कि आशुतोष ब्रह्मचारी की याचिका पर कोर्ट के आदेश के बाद प्रयागराज की झूंसी पुलिस ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच जारी है और जल्द पूछताछ हो सकती है।

आशुतोष ब्रह्मचारी का आरोप है कि माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के शिविर में नाबालिग शिष्यों के साथ यौन शोषण हुआ। एफआईआर में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ उनके शिष्य मुकुदानंद गिरि का भी नाम शामिल है।

‘सीडी सार्वजनिक क्यों नहीं?’

हाल ही में वाराणसी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा था कि यदि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करना चाहती है तो वे सहयोग करेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि कथित घटना से जुड़ी सीडी किसने बनाई और उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा।

उन्होंने यह भी कहा कि माघ मेले के दौरान प्रशासन ने व्यापक स्तर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। यदि उनके शिविर में कोई घटना हुई होती तो वह कैमरों में दर्ज होती। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन शिष्यों के साथ शोषण का आरोप लगाया गया है, वे उनके पास शिक्षा लेने आए ही नहीं थे।

फिलहाल मामला जांच के अधीन है और पुलिस सभी पक्षों के दावों की पड़ताल कर रही है।


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