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लखनऊ सिविल कोर्ट के बाहर अवैध कब्जों पर हाई कोर्ट सख्त, 10 दिन में हटाएं अतिक्रमण, वरना चलेगा बुलडोजर

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Outside Lucknow Civil Court
बोलता सच,लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट परिसर के आसपास वर्षों से बने अवैध चैंबरों और नाश्ते की दुकानों को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि कब्जाधारी 10 दिनों के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा प्रशासन बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण ध्वस्त करेगा।
यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। अदालत ने कहा कि कब्जाधारियों को यह भली-भांति ज्ञात है कि उनका कब्जा पूरी तरह अवैध है। इसके बावजूद प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए उन्हें अंतिम अवसर दिया जा रहा है। यदि निर्धारित अवधि में कोई व्यक्ति अपने कब्जे के समर्थन में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाता, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हाई कोर्ट ने लखनऊ नगर निगम को निर्देश दिया है कि एक सप्ताह के भीतर सभी 72 कथित अवैध कब्जाधारियों को नए सिरे से नोटिस जारी किए जाएं। यदि कोई नोटिस लेने से इनकार करता है, तो संबंधित स्थल पर नोटिस चस्पा किया जाए और इसकी सूचना हिंदी व अंग्रेजी समाचार पत्रों में प्रकाशित कराई जाए। अदालत ने कहा कि नोटिस मिलने के 10 दिन के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के खिलाफ बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि न्यायालय के नियमित कामकाज पर असर न पड़े, इसलिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रविवार को की जाए। इसके लिए पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को आपसी समन्वय के साथ पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
खंडपीठ ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति प्रशासनिक कार्रवाई में बाधा डालने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उसे जेल भी भेजा जाएगा।
नगर निगम के अनुसार, इस क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का अभियान पहले से जारी है और अब तक करीब 100 अवैध दुकानों को हटाया जा चुका है। हाई कोर्ट के ताजा आदेश के बाद शेष अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया भी तेज होने की संभावना है।

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