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सावन पर अखिलेश यादव की कविता और केदारेश्वर धाम का वीडियो चर्चा में, सोशल मीडिया पर छिड़ी सियासी बहस

Bolta Sach News
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Akhilesh Yadav's photo on Sawan

बोलता सच,लखनऊ। सावन माह की शुरुआत पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर इटावा में निर्माणाधीन श्री केदारेश्वर महादेव धाम का वीडियो साझा करते हुए भगवान शिव की महिमा का वर्णन करती एक लंबी कविता पोस्ट की और सभी के लिए शुभ श्रावण मास की कामना की। पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई।

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि “श्रावण मास सबके लिए सर्वथा सर्व शुभ हो।” इसके साथ उन्होंने श्री केदारेश्वर महादेव धाम की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए लिखा कि यह ऐसा धाम है जहां आने वाले श्रद्धालुओं को मनचाहा वरदान प्राप्त होता है। उन्होंने कविता में नंदी, भगवान राम-श्याम, शालिग्राम और भगवान शिव का उल्लेख करते हुए मंदिर की धार्मिक महत्ता का वर्णन किया।

पोस्ट के साथ साझा किए गए वीडियो में इटावा में निर्माणाधीन श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर की झलक दिखाई गई। इससे पहले अखिलेश यादव यह भी कह चुके हैं कि मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद वह अपने परिवार के साथ अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करेंगे।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

अखिलेश यादव की पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों ने सावन की शुभकामनाओं का स्वागत किया, जबकि कई यूजर्स ने इसे आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए राजनीतिक नजरिए से देखा।

एक यूजर जीनत राणा ने लिखा कि जो लोग पहले हिंदू परंपराओं और धार्मिक प्रतीकों पर टिप्पणी करते थे, वे अब भक्ति गीत साझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा केवल शब्दों से नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं के सम्मान से प्रकट होती है।

वहीं पूजा गोस्वामी नामक यूजर ने टिप्पणी की कि सनातन संस्कृति भारत की आत्मा है और आस्था को चुनावी राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने लिखा कि राम और श्याम के महत्व को नकारने वाले लोग केदारनाथ की भावना को कैसे समझेंगे।

एक अन्य यूजर कल्पना श्रीवास्तव ने लिखा कि सावन में भगवान शिव का स्मरण और केदारेश्वर धाम का उल्लेख स्वागतयोग्य है, लेकिन आस्था का प्रमाण केवल चुनावी समय में धार्मिक पोस्ट करने से नहीं, बल्कि निरंतर सनातन संस्कृति के सम्मान से मिलता है।

चुनावी चर्चा भी तेज

अखिलेश यादव की इस पोस्ट के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए अपनी-अपनी राय व्यक्त की। हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से इस पर कोई अलग राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

फिलहाल सावन के अवसर पर की गई इस पोस्ट ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ राजनीतिक विमर्श को भी नया विषय दे दिया है।



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