मुंगेर के संग्रहालय सभागार में आयोजित बुद्धिजीवी संवाद कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ विकास और जमीनी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की शुरुआत एसपी सैयद इमरान मसूद और अपर समाहर्ता मनोज कुमार के स्वागत भाषण से हुई। इस दौरान मेयर कुमकुम देवी और भाजपा जिलाध्यक्ष अरुण कुमार पोद्दार समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में शहर की कई अहम समस्याएं सामने आईं, जिनमें पेयजल आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम और खुले में मांस बिक्री जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी सीएम ने नगर आयुक्त को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करनी होगी।
विजय सिन्हा ने अवैध खनिज परिवहन और ओवरलोडिंग के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर इतनी सख्त कार्रवाई की जाएगी कि वे दोबारा सड़क पर उतरने की हिम्मत नहीं करेंगे। उन्होंने दावा किया कि राज्य में ओवरलोडिंग पर लगभग पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया गया है।
इस अवसर पर उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित बिहार” के विजन को दोहराते हुए कहा कि प्रशासन इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को और अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनना होगा।
डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि “भूमि जनसंवाद” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से जनता की समस्याओं को सीधे सुना जाएगा और उनका त्वरित समाधान किया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि जनता ईमानदारी से काम करने वालों के साथ खड़ी है, भले ही सख्ती के कारण कुछ लोगों को परेशानी क्यों न हो।
कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने विचार साझा करते हुए विजय सिन्हा ने बताया कि इस संवाद में बुद्धिजीवियों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने सरकार की योजनाओं पर अपने सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि ये सुझाव न केवल मुंगेर बल्कि पूरे बिहार के विकास में सहायक होंगे।
उन्होंने निष्कर्ष में कहा कि ऐसे सकारात्मक और रचनात्मक संवाद ही विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार का लक्ष्य एक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के लिए कोई जगह न हो।