बोलता सच,नई दिल्ली : भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के समुद्री जहाज जल्द ही दक्षिण-पूर्व एशिया की लंबी दूरी प्रशिक्षण तैनाती पर रवाना होंगे। इस दौरान भारतीय जहाज सिंगापुर, इंडोनेशिया और थाईलैंड के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों का दौरा करेंगे और मेजबान देशों की नौसेनाओं के साथ संयुक्त समुद्री अभ्यास में हिस्सा लेंगे।
110वें इंटीग्रेटेड ऑफिसर्स ट्रेनिंग कोर्स के तहत भारतीय नौसेना का फर्स्ट ट्रेनिंग स्क्वाड्रन (1TS) इस तैनाती पर जा रहा है। इस स्क्वाड्रन में आईएनएस तीर, आईएनएस शार्दूल, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक पोत सारथी शामिल हैं। इस अभियान का उद्देश्य अधिकारी प्रशिक्षुओं को समुद्री संचालन, नेविगेशन, विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय कार्य वातावरण का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है।
भारतीय नौसेना के अनुसार, यह तैनाती भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ और मुक्त, खुले एवं समावेशी हिंद महासागर क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता को और सशक्त बनाती है। यात्रा के दौरान प्रशिक्षण अभ्यास, क्रॉस-डेक विजिट, विशेषज्ञ संवाद और संयुक्त समुद्री साझेदारी अभ्यास आयोजित किए जाएंगे, जिससे आपसी विश्वास, ऑपरेशनल समझ और अंतरसंचालनीयता को बढ़ावा मिलेगा।
इस प्रशिक्षण अभियान में छह अंतरराष्ट्रीय अधिकारी प्रशिक्षु भी शामिल हैं, जो मित्र देशों के लिए भारतीय नौसेना की क्षमता निर्माण और पेशेवर प्रशिक्षण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही इस तैनाती में थलसेना और वायुसेना के कर्मियों की भागीदारी से तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता और समन्वय को भी मजबूती मिलेगी।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की लंबी दूरी की प्रशिक्षण तैनातियां भारतीय नौसेना की पेशेवर क्षमता, समुद्री कूटनीति, सद्भावना निर्माण और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा में सहयोगात्मक दृष्टिकोण को और मजबूत करती हैं।
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