जानकारी के अनुसार, शुभेंदु सरकार को सूचना मिली थी कि उनके कई पोलिंग एजेंटों को विभिन्न बूथों से बाहर निकाल दिया गया है। इसके बाद वह स्वयं मौके पर पहुंचे और एजेंटों को वापस अंदर ले जाने का प्रयास किया। इसी दौरान बूथ नंबर 24 के पास पहले बहस हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टीएमसी कार्यकर्ताओं ने अचानक हमला बोल दिया। उस समय शुभेंदु सरकार के साथ केवल एक सुरक्षाकर्मी मौजूद था, जिसने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ के सामने वह असहाय नजर आया। हमलावरों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, जिसके बाद अपनी जान बचाने के लिए उन्हें वहां से भागना पड़ा। इस हमले में उन्हें चोटें भी आई हैं।
इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति को भीड़ ने घेरकर मारपीट की। सुरक्षाकर्मी भीड़ को हटाने की कोशिश करता नजर आता है, लेकिन हमलावर लगातार आक्रामक बने रहते हैं।
शुभेंदु सरकार ने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ता क्षेत्र में भय का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि मतदाताओं और विपक्षी कार्यकर्ताओं को दबाव में रखा जा सके। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बल पोलिंग स्टेशन पर मौजूद थे, लेकिन घटना के समय उनके साथ केवल उनका निजी सुरक्षाकर्मी ही था।
यह घटना चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से मामले में जांच की बात कही जा रही है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।