कांग्रेस सांसद ने पुडुचेरी की जनता के लिए “5 गारंटी” का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यदि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनती है, तो महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही बेरोजगार युवाओं को हर महीने 2000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि राज्य में सरकारी और निजी क्षेत्रों में कुल 30,000 नई नौकरियां सृजित की जाएंगी। उन्होंने सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 40 वर्ष करने की भी घोषणा की। इसके अलावा हर परिवार को 20 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने का वादा किया गया।
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि ये सिर्फ चुनावी वादे नहीं, बल्कि लोगों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम हैं। उन्होंने पुडुचेरी के लोगों के साथ अपने पुराने और भावनात्मक संबंध का भी जिक्र किया और कहा कि यह रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और स्नेह पर आधारित है।
उन्होंने पुडुचेरी को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को दोहराते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने पहले यह वादा किया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया।
राहुल गांधी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि पुडुचेरी में ऐसी सरकार बनाई जाए, जो वास्तव में जनता की आवाज को प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने कहा कि राज्य की नीतियां और निर्णय स्थानीय लोगों की जरूरतों और इच्छाओं के अनुसार होने चाहिए।
अपने भाषण में उन्होंने राज्य की वर्तमान स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुडुचेरी नकली दवाओं के निर्माण का केंद्र बन गया है और इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि यह केवल भ्रष्टाचार ही नहीं, बल्कि लोगों की जान के साथ खिलवाड़ है।
बीजेपी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि राज्य को “रिमोट कंट्रोल” से चलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल के माध्यम से जनता की आवाज को दबाया जा रहा है और स्थानीय नेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि औद्योगिक और कपड़ा क्षेत्र में गिरावट आई है और कई फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं।
कुल मिलाकर, राहुल गांधी की ये घोषणाएं पुडुचेरी चुनाव में कांग्रेस की रणनीति को स्पष्ट करती हैं, जिसमें रोजगार, महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई है।