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यूपी पुलिस कर्मियों के लिए नई तैनाती व्यवस्था, दंपती अब नजदीकी जिलों में होंगे तैनात

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यूपी पुलिस कर्मियों
यूपी पुलिस विभाग में तैनात करीब 101 कर्मियों को अनुकंपा के आधार पर उनके जीवनसाथी की नियुक्ति वाले जिलों के पास तैनात किया गया है। डीजीपी मुख्यालय की स्थापना शाखा ने सोमवार को करीब 101 ऐसे पुलिसकर्मियों के तबादले का आदेश जारी कर दिया।
  • यूपी पुलिस में तैनाती नीति में बदलाव, पति-पत्नी अब नजदीकी जिलों में कर सकेंगे सेवा
  • यूपी पुलिसकर्मियों के लिए राहत: दंपती अब पास-पास जिलों में होंगे तैनात
  • यूपी पुलिस में नियुक्ति नीति में संशोधन, पति-पत्नी की नजदीकी जिलों में तैनाती का आदेश जारी

पुलिस विभाग में तैनात करीब 101 कर्मियों को अनुकंपा के आधार पर उनके जीवनसाथी की नियुक्ति वाले जिलों के पास तैनात किया गया है। डीजीपी मुख्यालय की स्थापना शाखा ने सोमवार को करीब 101 ऐसे पुलिसकर्मियों के तबादले का आदेश जारी कर दिया। बता दें कि पुलिस में तैनात पति-पत्नी को अनुकंपा के आधार पर समान रेंज अथवा जिले में तैनात किया जाता है। बता दें कि दिसंबर 2023 में हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि प्रशासनिक जरूरत के आधार पर अलग-अलग जिलों में सरकारी नौकरी कर रहे पति-पत्नी का तबादला नजदीकी जिलों में करने पर विचार किया जा सकता है, हालांकि इसे अधिकार नहीं माना जाएगा। जिसके बाद अनुकंपा के आधार पर ऐसे पुलिसकर्मियों का तबादला नजदीकी जिलों में किया जाता है।

घरौनी अधिकार को कानूनी रूप देने की तैयारी, विधेयक का ड्राफ्ट कैबिनेट को भेजा जाएगा

ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी के सर्वे और मालिकाना हक के लिए तैयार किए गए विधेयक का प्रारूप शीघ्र ही कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। इसके लिए शासन स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी वाले हिस्सों पर मालिकाना हक पहले राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं था। इससे विवाद की स्थिति में दिक्कतें होती थीं। इन दिक्कतों पर पार पाने के लिए सरकार ने 8 अक्तूबर 2020 को ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी का सर्वे और घरौनी प्रबंधन नियमावली की अधिसूचना जारी की। लेकिन, यह नियमावली किसी अधिनियम के अधीन नहीं है। इसलिए मामले अदालतों में फंस रहे हैं।इसलिए सरकार ने ग्रामीण आबादी अभिलेख विधेयक-2025 का प्रारूप तैयार करवाया है। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, यह प्रारूप कैबिनेट से पास होने के बाद विधानमंडल के दोनों सदनों में रखा जाएगा। आगामी मानसून सत्र में इसके पास होने की संभावना है।


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