Breaking News

यूपी चुनाव से पहले CJP-BKU की बढ़ी नजदीकियां, राकेश टिकैत से मुलाकात के बाद नए आंदोलन के संकेत

Bolta Sach News
|
CJP-BKU before UP elections

बोलता सच,लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और भारतीय किसान यूनियन (BKU) के बीच बढ़ती नजदीकियों ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। दिल्ली में सीजेपी नेताओं ने बीकेयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से मुलाकात कर किसानों, छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर साझा रणनीति को लेकर चर्चा की।

साझा मोर्चे पर हुई चर्चा

राकेश टिकैत से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका सहित कई नेता शामिल थे। बैठक में किसानों और युवाओं के मुद्दों पर संयुक्त रूप से आवाज उठाने तथा आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। आशुतोष रांका ने कहा कि अब किसान, छात्र और युवा मिलकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन के बाद पार्टी अब शिक्षा के साथ-साथ किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाएगी।

छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग

सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने राकेश टिकैत से विभिन्न राज्यों में आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस कराने के मुद्दे पर समर्थन मांगा। पार्टी का आरोप है कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ बिहार, पश्चिम बंगाल और राजस्थान समेत कई राज्यों में कार्रवाई की गई है।

राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलनकारियों को एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वह पहले भी जंतर-मंतर पर सीजेपी के धरने में शामिल होकर समर्थन दे चुके हैं। टिकैत ने कहा कि किसानों और छात्रों के अलग-अलग मोर्चे जरूर हैं, लेकिन सभी का उद्देश्य जनहित के मुद्दों को उठाना है।

बड़े गठबंधन की तैयारी का दावा

बैठक के बाद आशुतोष रांका ने कहा कि सीजेपी केंद्र सरकार के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन खड़ा करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि किसान, छात्र और युवा एक साझा मंच पर आकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करें।

सीजेपी का आरोप है कि सरकार ने कई वादे पूरे नहीं किए हैं और आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जिसे पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला मानती है।

फिर आंदोलन की चेतावनी

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि यदि छात्रों का उत्पीड़न नहीं रुका और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो पार्टी जल्द ही देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया था और यदि ऐसी कार्रवाई जारी रही तो पार्टी दोबारा सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी।

बीकेयू की किसान महापंचायत की तैयारी

दूसरी ओर भारतीय किसान यूनियन भी अपनी गतिविधियां तेज कर रही है। प्रयागराज के शंकरगढ़ में हुई बैठक में 8 अगस्त को प्रस्तावित राष्ट्रीय किसान महापंचायत की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने की रणनीति बनाई गई।

यूपी चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल

भारतीय किसान यूनियन का पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित प्रदेश के कई हिस्सों में प्रभाव माना जाता है। वहीं, हाल के छात्र आंदोलनों के बाद सीजेपी भी चर्चा में आई है। दोनों संगठनों की बढ़ती सक्रियता को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं कि यदि भविष्य में ये किसी साझा मुद्दे पर साथ आते हैं, तो इसका असर उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति पर भी पड़ सकता है।

हालांकि, बीकेयू स्वयं को गैर-राजनीतिक संगठन बताती है और सीजेपी ने भी अभी तक खुद को औपचारिक राजनीतिक दल घोषित नहीं किया है। ऐसे में भविष्य में इन संगठनों की भूमिका और उनकी रणनीति पर सभी की नजर बनी हुई है।


इसे भी पढ़े : लोकसभा में राहुल गांधी के बयान पर बवाल, अमित शाह पर लगाए गंभीर आरोप; बीजेपी ने मांगी माफी


Discover more from Bolta Sach News - बोलता सच न्यूज़ - सच लिखने का साहस

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Reply

error: