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फतेहपुर में ‘चाय’ से शुरू हुआ विवाद, अखिलेश यादव के दौरे के बाद युवक ने दुकान बंद करने का किया ऐलान

Bolta Sach News
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Controversy started with 'tea' in Fatehpur
बोलता सच,फतेहपुर : फतेहपुर जिले में एक चाय की दुकान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सुर्खियों में आ गया है। खागा तहसील क्षेत्र के चौकी चौराहा स्थित ‘शेषमन की फेमस चाय’ की दुकान के संचालक के बेटे आर्यन यादव ने आरोप लगाया है कि अखिलेश यादव के उनकी दुकान पर आने के बाद से उसे लगातार परेशान किया जा रहा है। हालात से तंग आकर उसने दुकान बंद करने और गांव छोड़ने का ऐलान कर दिया है।

बताया जा रहा है कि करीब दो महीने पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एक दौरे पर फतेहपुर आए थे। इस दौरान खागा तहसील से गुजरते समय वे उक्त चाय की दुकान पर रुके थे। वहां आर्यन यादव ने उन्हें चाय पिलाई थी। चाय पीने के बाद अखिलेश यादव ने उसकी तारीफ भी की थी। इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं, जिससे दुकान चर्चा में आ गई।

अब आर्यन यादव का आरोप है कि उसी घटना के बाद से उसे विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उसने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर अपनी पीड़ा साझा की। पोस्ट में उसने दावा किया कि फूड एंड सेफ्टी विभाग के अधिकारी सैंपल लेने के नाम पर बार-बार आकर उसे धमका रहे हैं। साथ ही कुछ स्थानीय दबंगों द्वारा मारपीट और गाली-गलौज किए जाने का भी आरोप लगाया।

आर्यन ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वह एक गरीब परिवार से है और लगातार हो रही इन घटनाओं से मानसिक रूप से बेहद परेशान हो चुका है। उसने कहा कि वह न तो लड़ाई-झगड़ा कर सकता है और न ही इन परिस्थितियों का सामना कर पा रहा है। इसी कारण वह अपनी दुकान बंद कर गांव छोड़ने का फैसला कर रहा है।

वहीं, पुलिस का कहना है कि मामला राजनीतिक नहीं बल्कि आपसी विवाद से जुड़ा है। प्रभारी निरीक्षक तेज बहादुर सिंह के अनुसार, कुछ दिन पहले दुकान पर पैसे के लेनदेन को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों को चोटें आई हैं। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच जारी है।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि अहिरन का पुरवा निवासी शेषमन के बेटे आर्यन पर जरसीस अहमद, कयूम अहमद, यासीन अहमद समेत करीब 17 लोगों ने हमला किया। आरोपियों ने न केवल आर्यन बल्कि उसे बचाने आए परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के साथ भी मारपीट की। साथ ही घटना के दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल और राजनीतिक टिप्पणियां भी की गईं।

पुलिस के अनुसार, मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आर्यन यादव का गांव और दुकान छोड़ने का ऐलान स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटे व्यापारियों को विवाद और दबाव से बचाने के लिए स्थानीय प्रशासन की भूमिका कितनी प्रभावी है। फिलहाल, सभी की नजर जांच के नतीजों और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।



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