बीईओ द्वारा पहले ही निर्देश दिए गए थे कि 29 अप्रैल तक शत-प्रतिशत नामांकन और सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया जाए। इसके बावजूद कई विद्यालयों में प्रगति बेहद धीमी पाई गई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। साथ ही चेतावनी दी गई है कि लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों का अप्रैल माह का वेतन रोका जा सकता है।
कार्यालय से जारी नोटिस में बताया गया कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक के निर्देशों के तहत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और बीईओ कार्यालय लगातार निगरानी कर रहे थे। विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट साझा कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए थे।
इसके बावजूद संबंधित विद्यालयों की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई, जिसे विभागीय कार्यों के प्रति लापरवाही और उदासीनता माना गया है। 28 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार कई स्कूल लक्ष्य से पीछे हैं।
जिन विद्यालयों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें प्राथमिक विद्यालय मझगावा, चौमुखा, बभनी बाबू, परसिया मिस्करी, सुबिखर, मझवलिया, बेलवनिया, भटजमुआंव, सरहवलिया, अहिल्यापुर, धमौर परशुराम, क्रौंदी डुमरियाल और मुसहरटोला शामिल हैं।
बीईओ ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा न करने पर संबंधित प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक, शिक्षामित्र और अनुदेशकों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।