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नोएडा में दो छात्र गिरफ्तार, 37 किलो गांजा बरामद; कोरियर के जरिए चलाते थे तस्करी का नेटवर्क

Bolta Sach News
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Two students arrested in Noida

बोलता सच,नोएडा। सेक्टर-20 थाना पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने अयोध्या के रहने वाले दो छात्रों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 37 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है। दोनों आरोपी स्नातक और विधि की पढ़ाई कर रहे हैं तथा नोएडा में बाइक टैक्सी चलाने का भी काम करते थे।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम पाठक और शिवम दुबे के रूप में हुई है। दोनों मौसेरे भाई हैं और मूल रूप से अयोध्या के निवासी हैं। वर्तमान में वे दिल्ली के मयूर विहार फेज-2 क्षेत्र में रह रहे थे। दोनों को सेक्टर-17 क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

तीन वर्षों से सक्रिय था नेटवर्क

अपर पुलिस उपायुक्त मनीषा सिंह के अनुसार पूछताछ में सामने आया है कि इस नेटवर्क का संचालन शुभम पाठक कर रहा था। वह पिछले करीब तीन वर्षों से गांजा तस्करी में शामिल था। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी पिछले दो से ढाई वर्षों से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में मादक पदार्थों की आपूर्ति कर रहे थे।

साड़ियों की खेप में छिपाकर मंगाते थे गांजा

जांच में पता चला कि आरोपी पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश से गांजा मंगाते थे। मादक पदार्थ को साड़ियों की पैकिंग में छिपाकर कोरियर कंपनियों के माध्यम से दिल्ली और नोएडा भेजा जाता था।

पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी या अधूरे पते का इस्तेमाल करते थे। पार्सल गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही वे कोरियर कंपनी से संपर्क कर रास्ते में उसे प्राप्त कर लेते थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 39 साड़ियां भी बरामद की हैं, जिनका उपयोग गांजा छिपाने के लिए किया जाता था।

होटल, हॉस्टल और विश्वविद्यालयों तक थी पहुंच

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी होटल, निजी विश्वविद्यालयों, छात्रावासों और अन्य स्थानों पर मांग के अनुसार गांजे की आपूर्ति करते थे। युवाओं के बीच इसकी मांग अधिक होने के कारण उन्हें मोटा मुनाफा मिलता था।

अधिकारियों का कहना है कि बरामद गांजा सामान्य गांजे की तुलना में अधिक प्रभावी और महंगा बताया जा रहा है।

बिहार से संचालित हो रहा था पूरा नेटवर्क

पूछताछ में शुभम ने बताया कि इस नेटवर्क का मुख्य संचालक बिहार में रहता है और वहीं से फोन के माध्यम से गांजे की आपूर्ति का संचालन किया जाता था। आरोपी दिल्ली-एनसीआर में खेप प्राप्त कर उसे विभिन्न स्थानों तक पहुंचाने का काम करते थे।

पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि तस्करी के संचालन के लिए कई व्हाट्सएप समूह बनाए गए थे। इन समूहों और उनसे जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी शुभम पाठक के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट से संबंधित मामले शामिल बताए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की चल और अचल संपत्तियों का भी ब्योरा जुटाया जा रहा है। जांच के आधार पर आवश्यकता पड़ने पर गैंगस्टर एक्ट के तहत आगे की कार्रवाई और संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।

पुलिस का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और कथित सरगना की तलाश जारी है तथा पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।


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