बोलता सच,ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बकाया राशि जमा न करने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 14 बिल्डर परियोजनाओं पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राधिकरण ने लगभग 315 करोड़ रुपये की बकाया राशि की वसूली के लिए रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी किए हैं। इस कार्रवाई से उन हजारों फ्लैट खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है, जो पिछले कई वर्षों से अपने घरों की रजिस्ट्री और मालिकाना हक का इंतजार कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, इन 14 परियोजनाओं में करीब 9,269 फ्लैट खरीदार फंसे हुए हैं। इनमें से कई खरीदार पिछले एक दशक से अपने सपनों के घर की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। प्राधिकरण का कहना है कि यदि संबंधित बिल्डर बकाया राशि जमा नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्तियों की कुर्की और जब्ती की कार्रवाई भी की जा सकती है।
यह कार्रवाई केंद्र सरकार द्वारा गठित अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के आधार पर की जा रही है। दरअसल, अधूरी और फंसी हुई आवासीय परियोजनाओं के समाधान के लिए फरवरी 2024 में समिति की सिफारिशों को लागू किया गया था। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में कुल 98 बिल्डर परियोजनाएं इस दायरे में आती हैं, जिनमें 60 हजार से अधिक फ्लैट खरीदार प्रभावित थे।
समिति की सिफारिशों के तहत प्राधिकरण ने यह व्यवस्था की थी कि यदि बिल्डर अपनी कुल देनदारी का 25 प्रतिशत जमा कर देते हैं, तो फ्लैटों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इस योजना का लाभ उठाते हुए अब तक 84 बिल्डरों ने लगभग 1,592.7 करोड़ रुपये जमा कराए हैं, जिससे हजारों फ्लैट खरीदारों को राहत मिली है।
हालांकि, कई बार नोटिस जारी करने और अतिरिक्त समय देने के बावजूद 14 बिल्डरों ने न तो बकाया राशि जमा की और न ही समिति की सिफारिशों का लाभ लेने में रुचि दिखाई। इसके बाद प्राधिकरण ने उनके खिलाफ वसूली की कार्रवाई शुरू करने का फैसला लिया।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, कुछ परियोजनाओं में स्थिति बेहद गंभीर है। एसपीजे इंफ्राकॉन परियोजना में सबसे अधिक 2,406 आवंटित फ्लैट खरीदार प्रभावित हैं। इसके अलावा हेबे इंफ्रास्ट्रक्चर, निवास प्रमोटर्स, बीएस बिल्डटेक और जेकेजी कंस्ट्रक्शन जैसी परियोजनाओं में भी बड़ी संख्या में खरीदार लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) सौम्य श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित बिल्डरों को कई बार भुगतान करने का अवसर दिया गया, लेकिन कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। ऐसे में आरसी जारी कर बकाया वसूली की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
जिन बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है उनमें एसजेपी इंफ्राकॉन, एसडीएस इंफ्राटेक, इंटेलेक्ट प्रमोटर्स, निवास प्रमोटर्स, बीएस बिल्डटेक, न्यूटेक ला पालासिया, अर्थकॉन कंस्ट्रक्शन, विहान डेवलपर्स, राजहंस इंफ्राटेक, आइडियल रियल्टी सॉल्यूशंस, टाउन पार्क बिल्डकॉन और धन्या प्रमोटर्स सहित अन्य परियोजनाएं शामिल हैं।
प्राधिकरण का मानना है कि इस कार्रवाई से न केवल बकाया राशि की वसूली होगी, बल्कि वर्षों से अधूरी पड़ी परियोजनाओं को भी गति मिलेगी और हजारों फ्लैट खरीदारों को उनका अधिकार मिल सकेगा।
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