मुख्यमंत्री ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि डीजल, पेट्रोल और एलपीजी की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे भारत सरकार पर प्रतिदिन हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार का नहीं बल्कि पूरे देश और जनता का नुकसान है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संकट की इस घड़ी में हर नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वह देश और सरकार के साथ खड़ा हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ईंधन आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए प्रयास कर रहे हैं। दुनिया के कई देशों में पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम कई गुना बढ़ चुके हैं, लेकिन भारत सरकार ने अब तक स्थिति को नियंत्रित रखा है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों को नकारात्मक राजनीति और अफवाहों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि देशहित में लिए गए निर्णयों के समर्थन में सभी को एकजुट होकर प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़ा होना चाहिए।
जनसभा में सीएम योगी ने लोगों से बिजली की अनावश्यक खपत रोकने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार ही बिजली का उपयोग करें, अतिरिक्त लाइट और पंखे बंद रखें और ऊर्जा संरक्षण को अपनी आदत बनाएं। उन्होंने स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए कार पूलिंग और बाइक पूलिंग जैसी व्यवस्था अपनाने की सलाह भी दी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े संकटों का समाधान बनते हैं। उन्होंने कोरोना महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि देशवासियों ने एकजुट होकर महामारी को हराया था और उसी तरह वर्तमान चुनौतियों का भी मुकाबला किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से भी अपील करते हुए कहा कि वे यूरिया की खपत को नियंत्रित करें और अधिक से अधिक कंपोस्ट खाद का उपयोग करें। साथ ही उन्होंने कालाबाजारी और जमाखोरी जैसी गतिविधियों से बचने और ऐसे लोगों की सूचना प्रशासन को देने की बात कही।
उन्होंने चेतावनी दी कि संकट के समय में यदि कोई व्यक्ति अनैतिक तरीके से मुनाफाखोरी या कालाबाजारी करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि “नेशन फर्स्ट” की भावना के साथ सभी को मिलकर काम करना होगा, तभी देश हर चुनौती का मजबूती से सामना कर पाएगा।