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पुणे से सीजेपी ने छेड़ी शिक्षा सुधार की मुहिम, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई

Bolta Sach News
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CJP launches education campaign from Pune
बोलता सच,पुणे (महाराष्ट्र)। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, प्रश्नपत्र लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने गुरुवार को सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय परिसर से अपने देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत की। आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के भी इस अभियान में शामिल होने की संभावना जताई गई है।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और संविधान के दायरे में संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन ने इसी अवसर पर अपना शिक्षा घोषणापत्र भी जारी किया है, जिसमें परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव शामिल हैं।
दीपके ने बताया कि घोषणापत्र में प्रश्नपत्र लीक पर रोक लगाने, परीक्षा परिणाम समय पर घोषित करने, भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने, परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय करने तथा छात्रों को होने वाली परेशानियों के समाधान पर विशेष जोर दिया गया है।
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि देशभर में परीक्षा संबंधी विवादों और अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है।
अभिजीत दीपके ने बताया कि पुणे से शुरू हुआ यह अभियान जयपुर, लखनऊ, अमृतसर और बेंगलुरु सहित कई शहरों तक पहुंचेगा। इसके बाद 20 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार संवाद स्थापित करने के बजाय संगठन के सोशल मीडिया खातों पर कार्रवाई कर रही है। दीपके ने कहा कि युवाओं की समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने की आवश्यकता है।
इस दौरान शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत द्वारा अभिजीत दीपके और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित मुलाकात से जुड़ी एक तस्वीर का उल्लेख भी चर्चा में रहा। हालांकि दीपके ने इस तस्वीर को कृत्रिम मेधा (एआई) से निर्मित बताते हुए किसी भी प्रकार की मुलाकात से इनकार किया।
उल्लेखनीय है कि सीजेपी ने छह जून को भी नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था, जिसमें विभिन्न राज्यों से आए छात्रों और युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई थी। संगठन हाल के दिनों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय दिखाई दे रहा है।

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