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यूपी कैबिनेट के 13 बड़े फैसले: व्यावसायिक संपत्ति पर स्टांप ड्यूटी में राहत, सेमीकंडक्टर निवेश को बढ़ावा, जेएस विश्वविद्यालय की मान्यता रद्द

Bolta Sach News
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13 major decisions of the UP cabinet
बोलता सच,लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 13 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे बड़ा फैसला स्टांप ड्यूटी से जुड़ा रहा। अब परिवार के सदस्यों के बीच व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्ति के दान पर केवल 5,000 रुपये स्टांप ड्यूटी और 1 प्रतिशत शुल्क देना होगा। पहले यह सुविधा केवल कृषि और आवासीय संपत्तियों तक सीमित थी।

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश में परिवार के सदस्यों के मध्य निष्पादित अचल संपत्ति के दान विलेख पर दी जा रही स्टांप शुल्क छूट के दायरे को और व्यापक करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे अब पारिवारिक सदस्यों के बीच व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के हस्तांतरण पर भी बड़ी राहत मिलेगी। भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 के तहत अब तक दान विलेख पर संपत्ति मूल्य के अनुसार शुल्क देय था, लेकिन 3 अगस्त 2023 की अधिसूचना के जरिए इसे अधिकतम 5,000 रुपये तक सीमित किया गया था, जो अब सभी प्रकार की संपत्तियों पर लागू होगी।

सेमीकंडक्टर सेक्टर में 3,000 करोड़ से अधिक निवेश पर विशेष प्रोत्साहन

कैबिनेट बैठक में प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़े निवेश को आकर्षित करने का भी निर्णय लिया गया। जनवरी 2024 में लागू सेमीकंडक्टर नीति के तहत 3,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक के निवेश पर केस-टू-केस आधार पर विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि इसके तहत ब्याज सब्सिडी, कर्मचारी लागत प्रतिपूर्ति, 10 वर्षों तक नेट एसजीएसटी में छूट, यूपी के मूल निवासियों के लिए 100 प्रतिशत ईपीएफ प्रतिपूर्ति, जल मूल्य में छूट और 10 वर्षों तक प्रति यूनिट दो रुपये बिजली बिल में छूट जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

उत्तर प्रदेश बनेगा वैश्विक सेवा केंद्र, जीसीसी नीति को मंजूरी

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) नीति-2024 की नियमावली को भी मंजूरी दे दी। इसके लागू होने से प्रदेश को वैश्विक निवेश, उच्च स्तरीय सेवाओं और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में नई गति मिलेगी। इन्वेस्ट यूपी को इस नीति के तहत नोडल एजेंसी बनाया गया है। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि प्रदेश में जीसीसी निवेश लगातार बढ़ रहा है और इस वित्तीय वर्ष में 21 कंपनियां निवेश कर चुकी हैं। जीसीसी के जरिए आईटी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, फाइनेंस, डिजाइन, इंजीनियरिंग और नॉलेज सर्विसेज के क्षेत्र में बड़े अवसर खुलेंगे।

फर्जी डिग्री मामले में जेएस विश्वविद्यालय की मान्यता रद्द

कैबिनेट ने जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) की मान्यता रद्द करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। जांच में सामने आया कि विश्वविद्यालय ने बीपीएड पाठ्यक्रम में बैक डेट में प्रवेश देकर फर्जी अंकतालिकाएं और डिग्रियां जारी की थीं, जिनका इस्तेमाल राजस्थान की शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में किया गया। इस मामले में कुलाधिपति और कुलसचिव की गिरफ्तारी हो चुकी है। विश्वविद्यालय के सभी अभिलेख अब डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के संरक्षण में रखे जाएंगे और तीन सदस्यीय अंतरिम समिति के जरिए संचालन किया जाएगा।

वाराणसी में बनेगा 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल

कैबिनेट ने वाराणसी में 500 बेड के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण के लिए श्री शिव प्रसाद गुप्ता मंडलीय जिला चिकित्सालय परिसर में स्थित 11 जर्जर भवनों को ध्वस्त करने की मंजूरी दी। 315 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह अस्पताल चार वर्षों में तैयार होगा, जिसमें 60 प्रतिशत धनराशि केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार देगी। इससे पूर्वांचल के मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।

पैतृक संपत्ति बंटवारे के नियम बदले

योगी सरकार ने पैतृक संपत्ति के बंटवारे को भी आसान बना दिया है। अब तीन पीढ़ियों से अधिक के वंशजों के बीच पैतृक संपत्ति का बंटवारा मात्र 10,000 रुपये में कराया जा सकेगा, जिसमें 5,000 रुपये स्टांप ड्यूटी और 5,000 रुपये निबंधन शुल्क शामिल होंगे। यह व्यवस्था कृषि, आवासीय और वाणिज्यिक सभी प्रकार की पैतृक अचल संपत्तियों पर लागू होगी।

कैबिनेट के इन फैसलों से आम जनता को बड़ी राहत मिलने के साथ-साथ निवेश, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।


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