अंजना, जो अपने मेजर पिता और भाई-बहन को खोने के बाद सिजोफ्रेनिया से पीड़ित हैं, लंबे समय से रिहैब सेंटर में रह रही थीं। बुधवार को उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी पीड़ा बताई। उन्होंने बताया कि चंदौली निवासी बलवंत यादव और उसके सहयोगियों ने उनके इंदिरा नगर स्थित मकान पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा कर लिया है।
मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और अंजना को 24 घंटे के भीतर न्याय दिलाने का भरोसा दिया। गुरुवार को दोपहर से पहले ही पुलिस और प्रशासन की टीम सक्रिय हुई और अंजना को उनका मकान वापस दिला दिया गया। जब वह अपने घर पहुंचीं तो भावुक होकर उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े और उन्होंने कहा, “गॉड ब्लेस यू योगी अंकल।”
अंजना के पिता स्वर्गीय बिपिन चंद्र भट्ट सेना में मेजर थे। उनका इंदिरा नगर स्थित ए-418 नंबर का मकान है। वर्ष 1994 में उनके निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। समय के साथ बेटे और एक बेटी का भी निधन हो गया, और अंजना अकेली रह गईं। बीमारी के चलते उन्हें वर्ष 2016 में रिहैब सेंटर में भर्ती कराया गया था। इसी दौरान आरोपियों ने उनकी संपत्ति पर अवैध कब्जा कर लिया।
31 दिसंबर को मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद प्रशासन हरकत में आया। जांच के दौरान फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जे की पुष्टि हुई। पुलिस और सेना के अधिकारियों की मौजूदगी में गुरुवार को अंजना अपने घर में दाखिल हुईं। उन्होंने घर के हर कमरे को देखा, दीवारों को चूमा, दीप प्रज्ज्वलित किया और अपने पुराने दिनों की यादों में खो गईं। पड़ोस की महिलाओं से गले लगकर वह भावुक हो उठीं।
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों—बलवंत कुमार यादव उर्फ बब्लू और मनोज कुमार यादव—को गिरफ्तार कर लिया है। एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अपने घर में लौटकर अंजना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताते हुए कहा, “योगी अंकल महान हैं। उन्होंने हमारे दुख में हमारी मदद की। थैंक्यू योगी अंकल, गॉड ब्लेस यू।”
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