अडानी ग्रुप देशभर में 60 से अधिक होटल विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। ये होटल मुख्य रूप से ग्रुप के एयरपोर्ट्स और उससे जुड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के आसपास बनाए जाएंगे। फिलहाल अडानी ग्रुप सात एयरपोर्ट का संचालन कर रहा है, जबकि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण भी उसी के हाथों में है। इसके अलावा, ग्रुप की नजर उन 11 एयरपोर्ट्स पर भी है, जिन्हें आने वाले समय में निजी कंपनियों को सौंपा जाना है। इनमें अमृतसर और वाराणसी एयरपोर्ट भी शामिल हैं।
होटलों का निर्माण ज्यादातर अडानी ग्रुप खुद करेगा, हालांकि मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 के पास स्थित सहारा स्टार होटल इसमें एक अपवाद होगा। अडानी ग्रुप के डायरेक्टर जीत अडानी के अनुसार, सिर्फ होटलों की संख्या के लिहाज से ही यह पोर्टफोलियो देश के सबसे बड़े होटल समूहों में गिना जाएगा। इस पूरी योजना का केंद्र नवी मुंबई है, जहां नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट विकास किया जा रहा है। अकेले नवी मुंबई में करीब 15 होटल बनाने की तैयारी है।
अडानी ग्रुप अपने होटलों को खुद के ब्रांड नाम से चलाने के बजाय अंतरराष्ट्रीय होटल ऑपरेटरों के साथ साझेदारी करेगा। यानी ग्रुप होटल संपत्तियों का निर्माण और स्वामित्व रखेगा, जबकि संचालन, प्रबंधन और ब्रांडिंग का जिम्मा अनुभवी विदेशी होटल कंपनियों के पास होगा।
हॉस्पिटैलिटी में यह विस्तार अडानी ग्रुप की बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह अपने एयरपोर्ट्स को मल्टी-यूज़ अर्बन हब के रूप में विकसित करना चाहता है। इन एयरपोर्ट्स के आसपास रिटेल, फूड एंड बेवरेज, कन्वेंशन सेंटर और मनोरंजन से जुड़े प्रोजेक्ट्स भी विकसित किए जाएंगे।