बोलता सच/नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को मिली ऐतिहासिक सफलता ने पार्टी संगठन और केंद्र सरकार, दोनों स्तरों पर बड़े बदलावों की चर्चा तेज कर दी है। पहली बार राज्य में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और एनडीए ने 2010 के बाद अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। इस अप्रत्याशित सफलता के बाद माना जा रहा है कि पार्टी जल्द ही अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन सकती है। पिछले वर्ष लोकसभा चुनाव से पहले से ही नए अध्यक्ष की प्रतीक्षा है, और अब संकेत हैं कि यह नियुक्ति ज्यादा देर तक नहीं टलेगी।
इसी महीने घोषित हो सकता है नया अध्यक्ष
बिहार चुनाव में एनडीए ने 243 में से 202 सीटें जीतकर मजबूत प्रदर्शन किया है, जबकि अकेले बीजेपी ने 89 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में जगह बनाई है। इससे पहले साल की शुरुआत में पार्टी ने दिल्ली में भी सरकार बनाई थी। लगातार चुनावी सफलताओं ने संगठन के पुनर्गठन की चर्चा को और गति दी है।
बीजेपी के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार पार्टी शीतकालीन सत्र से पहले अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा कर सकती है। 1 दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के सत्र के बाद व्यस्त चुनावी कैलेंडर के कारण समय मिलना मुश्किल होगा। अगले वर्ष की शुरुआत में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हैं, जिन्हें पार्टी अपनी सबसे बड़ी चुनौती मान रही है।
सूत्रों का कहना है, “राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम इसी महीने तय हो सकता है। दिसंबर के बाद इसे टालना मुश्किल होगा, क्योंकि अगले मई तक लगातार चुनाव हैं।”
धर्मेंद्र प्रधान सबसे मजबूत दावेदार
सूत्रों के अनुसार केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए लगभग तय माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि संगठन में उनके लंबे अनुभव और अगले वर्ष होने वाले कई महत्वपूर्ण चुनावों को देखते हुए 99% संभावना है कि वे ही नए अध्यक्ष बनें।
धर्मेंद्र प्रधान पहले भी संगठन में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं और पार्टी उन्हें चुनावी रणनीति एवं विस्तार के लिए उपयुक्त चेहरा मानती है।
मोदी कैबिनेट में भी बड़े फेरबदल संभव
बीजेपी संगठन के साथ-साथ केंद्र सरकार में भी बड़े बदलावों के संकेत मिल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार कई मौजूदा मंत्री संगठन में भेजे जा सकते हैं जबकि संगठन के अनुभवी नेताओं को सरकार में शामिल किया जा सकता है। धर्मेंद्र प्रधान के नाम की चर्चा भी इसी संभावित फेरबदल का हिस्सा है।
सूत्रों के अनुसार वर्तमान कैबिनेट में राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान जैसे वरिष्ठ नेताओं की स्थिति तो सुरक्षित मानी जा रही है, लेकिन बाकी मंत्रिमंडल में व्यापक बदलाव हो सकते हैं।
जेपी नड्डा की जिम्मेदारी में कमी की संभावना
सूत्रों ने यह भी बताया कि मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के पास फिलहाल तीन बड़े पद हैं—राष्ट्रीय अध्यक्ष, स्वास्थ्य मंत्री और राज्यसभा में नेता सदन। बीजेपी की ‘एक व्यक्ति, एक पद’ की नीति को देखते हुए संभावना है कि उन्हें केवल एक महत्वपूर्ण पद पर केंद्रित किया जाएगा।
रूडी को मिल सकता है दोबारा मौका
सूत्रों के अनुसार पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी को फिर से मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी कुछ नए चेहरों को सरकार में जगह दे सकते हैं। उम्मीद है कि ये सभी बदलाव संसद के शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले ही पूरे कर लिए जाएंगे।
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