बोलता सच,पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद बनाने की घोषणा करने वाले टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर पार्टी से निलंबन के बाद नाराज हो गए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनकी इस घोषणा से असहमत थीं, जिसके बाद उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया। कार्रवाई के बाद कबीर ने ममता बनर्जी पर बड़ा हमला बोलते हुए उन्हें आरएसएस का एजेंट तक करार दे दिया। इसके साथ ही उन्होंने अगले विधानसभा चुनाव में नई पार्टी बनाकर 135 सीटों पर उतरने का ऐलान किया है। उनकी नई पार्टी का ऐलान 22 दिसंबर को किया जाएगा।
टीएमसी ने किया सस्पेंड, कबीर का पलटवार
राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी जहां ममता सरकार को घेरे हुए है, वहीं टीएमसी भी रणनीति के तहत फैसले ले रही है। इसी बीच भरतपुर से विधायक हुमायूं कबीर द्वारा मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण की घोषणा पार्टी के लिए मुश्किल बन गई। संभावित नुकसान को देखते हुए ममता बनर्जी ने कबीर को पार्टी से निलंबित कर दिया।
निलंबन के बाद कबीर भड़क उठे और उन्होंने न सिर्फ नई पार्टी की घोषणा की, बल्कि राज्य की 135 सीटों पर लड़ने का दावा भी किया। इसके अलावा उन्होंने दुर्गापूजा के लिए सरकारी फंडिंग को लेकर भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्हें आरएसएस का एजेंट बताया।
“अगर मैं गलत था तो 12-13 साल क्यों रखा?”
हुमायूं कबीर ने कहा कि 2011 में जब ममता बनर्जी पहली बार सत्ता में आईं, तब उन्हें 182 सीटें मिली थीं और कांग्रेस को 42 सीटें। उस समय पार्टी को उनकी जरूरत थी और उन्हें बिना मांगे मंत्री पद और संगठन में बड़े दायित्व दिए गए।
कबीर ने कहा कि यदि वह गलत थे, तो 12–13 साल तक उन्हें पार्टी में क्यों रखा गया? उन्होंने याद दिलाया कि 2013 में कांग्रेस छोड़कर वे टीएमसी में शामिल हुए थे।
दुर्गापूजा फंडिंग पर सवाल
कबीर ने कहा कि राज्य में मौलवियों को 3000 रुपए और मदरसों को 13,000 रुपए भत्ता दिया जाता है, लेकिन दुर्गा पूजा समितियों को हर साल 1,10,000 रुपए की राशि दी जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हिंदू संगठनों के दबाव में काम कर रही हैं और यह आरएसएस के एजेंडे जैसा है।
उन्होंने यह भी कहा कि वह 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नींव जरूर रखेंगे, चाहे टीएमसी का इससे कोई संबंध हो या नहीं।
पहले भी हो चुका है निलंबन
कबीर ने बताया कि 2015 में भी उन्हें ममता बनर्जी ने छह साल के लिए पार्टी से निलंबित किया था, इसलिए इस बार की कार्रवाई से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
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