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अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद मादुरो के बेटे का बयान: इतिहास बताएगा गद्दार कौन हैं

Bolta Sach News
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After the US military action

बोलता सच,वेनेजुएला : वेनेजुएला पर अमेरिका की बड़ी सैन्य कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के बेटे निकोलस मादुरो गुएरा का बयान सामने आया है। स्थानीय अख़बार एल-कोऑपरेटिव के अनुसार, गुएरा ने कहा कि “इतिहास यह उजागर करेगा कि असली गद्दार कौन हैं।” उनका यह बयान उस समय आया है, जब अमेरिकी सेना ने निकोलस मादुरो और प्रथम महिला सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया है।

सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो संदेश में मादुरो गुएरा ने सत्तारूढ़ आंदोलन के भीतर संभावित विश्वासघात की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार लोगों को इतिहास बेनकाब करेगा। गुएरा ने संकेत दिया कि इस संकट के पीछे किसी आंतरिक साजिश की भूमिका हो सकती है।

यूनाइटेड सोशलिस्ट पार्टी ऑफ वेनेजुएला (PSUV) के वरिष्ठ सदस्य मादुरो गुएरा ने दावा किया कि मौजूदा हालात के बावजूद पार्टी एकजुट है। उन्होंने समर्थकों से 4 और 5 जनवरी को सड़कों पर उतरकर सार्वजनिक प्रदर्शनों में भाग लेने की अपील की, ताकि नेतृत्व के प्रति एकजुटता का प्रदर्शन किया जा सके। उन्होंने बाहरी आक्रमण का सामना करने के लिए राजनीतिक और सैन्य समन्वय को ज़रूरी बताया।

ऑडियो रिकॉर्डिंग में उन्होंने कहा, “हम दृढ़ हैं और लामबंद होने के लिए तैयार हैं। हम शांत हैं, लेकिन कमजोर नहीं। वे हमें टूटते हुए देखना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थिति दुख और गुस्सा जरूर पैदा करती है, लेकिन आंदोलन का मनोबल टूटने नहीं दिया जाएगा।

न्यूयॉर्क की अदालत में पेश होंगे मादुरो और सिलिया फ्लोरेस

इस बीच, अमेरिकी हिरासत में लिए गए निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के सोमवार को न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले की संघीय अदालत में पेश होने की संभावना है। उन पर नार्को-आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी साजिश के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

सीबीएस न्यूज़ के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दोनों सोमवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर 12 बजे एक संघीय न्यायाधीश के सामने पेश होंगे। यह गिरफ्तारी शनिवार को किए गए अमेरिकी सैन्य और खुफिया अभियान के बाद हुई। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, इस अभियान के तहत काराकास में मादुरो और फ्लोरेस को उनके आवास से हिरासत में लिया गया, जिसके बाद उन्हें यूएसएस इवो जिमा युद्धपोत पर ले जाया गया और फिर हवाई मार्ग से अमेरिका भेजा गया। शनिवार दोपहर वे न्यूयॉर्क पहुंचे, जहां उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।


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