बोलता सच : राजधानी दिल्ली और एनसीआर में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीदों पर पानी फिर गया। प्रदूषण गंभीर से निकलकर भले ही ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंचा, लेकिन हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। सुबह की शुरुआत हल्के धुंध, कोहरे और स्मॉग की मोटी परत से हुई, जिससे दृश्यता कम रही और प्रदूषण का स्तर बढ़ता गया। इसका सबसे अधिक असर सांस और आंखों के मरीजों पर दिखा।
पराली और वाहनों के धुएं ने बिगाड़ी हवा
दिल्ली की हवा में पीएम2.5 की मात्रा खतरनाक स्तर पर दर्ज की गई। वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली ने बताया कि
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वाहनों से होने वाला प्रदूषण: 19.824%
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पराली जलाने का योगदान: 17%
इसी के चलते दिल्ली में शुक्रवार को एक्यूआई 387 पहुंच गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। गुरुवार की तुलना में यह 14 अंकों की गिरावट दर्शाता है।
NCR: गाजियाबाद सबसे प्रदूषित
एनसीआर में भी हालात बेहतर नहीं रहे।
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गाजियाबाद: AQI 370 (बेहद खराब)
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ग्रेटर नोएडा: AQI 368
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नोएडा: AQI 364
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गुरुग्राम: AQI 278
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फरीदाबाद: AQI 258 (NCR में सबसे साफ, लेकिन ‘खराब’ श्रेणी)
सोमवार तक राहत की उम्मीद नहीं
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के पूर्वानुमान के अनुसार, सोमवार तक हवा ‘बेहद खराब’ बनी रह सकती है। इस दौरान:
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सांस के मरीजों को दिक्कत
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आंखों में जलन
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गले में खराश
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बाहर रहने वालों को परेशानी
जिन्हें अस्थमा या दिल की समस्या है, उन्हें विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
हवा की दिशा और मौसम का असर
सीपीसीबी के मुताबिक, शुक्रवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से मात्र 5 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली, जिससे प्रदूषकों का फैलाव नहीं हो पाया।
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मिश्रण गहराई: 1400 मीटर
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वेंटिलेशन इंडेक्स: 7700 मीटर²/सेकंड
कम हवा की गति और कम वेंटिलेशन इंडेक्स ने प्रदूषण को हवा में ही ठहरा दिया, जिससे प्रदूषण लगातार बढ़ता गया।
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