बोलता सच/बघौचघाट : देवरिया जिले के महंत त्रिवेणी दास इंटर कॉलेज में 10वीं की छात्रा से छेड़छाड़ के गंभीर आरोपों के बाद कॉलेज प्रशासन और पुलिस दोनों ने कड़ी कार्रवाई की है। कॉलेज के प्रधानाचार्य शशि शेखर मिश्र पर अभद्रता, धमकी देने और परिजनों के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद 27 अक्टूबर को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, जबकि प्रबंध समिति ने वरिष्ठ प्रवक्ता योगेंद्र दूबे को कार्यवाहक प्रधानाचार्य नियुक्त कर दिया है।
घटना का खुलासा और पीड़िता का आरोप
घटना बघौचघाट थाना क्षेत्र के एक गांव की छात्रा से जुड़ी है, जो कॉलेज में कक्षा 10 की विद्यार्थी है। छात्रा के मुताबिक, सितंबर माह में प्रधानाचार्य ने उसे अपने कार्यालय में बुलाकर उसके साथ अनुचित हरकत की। छात्रा ने विरोध किया तो उसे धमकाया गया कि यदि उसने किसी से शिकायत की, तो उसे परीक्षा में फेल कर दिया जाएगा और कॉलेज से निकाल दिया जाएगा।
डरी-सहमी छात्रा ने कुछ दिनों तक यह बात छिपाए रखी। बाद में जब मानसिक दबाव बढ़ा, तो उसने पूरे मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी। परिजन जब शिकायत लेकर कॉलेज पहुंचे तो वहां भी प्रधानाचार्य ने उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया।
एसपी से लेकर कॉलेज प्रबंध समिति तक मदद की गुहार
घटना के बाद पीड़िता के पिता ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) और जिलाधिकारी (डीएम) को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की। परिजनों का आरोप है कि प्रधानाचार्य का व्यवहार लंबे समय से अनुचित रहा है और कई छात्र-छात्राएं इससे मानसिक रूप से परेशान थीं, लेकिन भय के कारण कोई खुलकर सामने नहीं आ रहा था।
DIOS ने गठित की तीन सदस्यीय जांच समिति
छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने तत्काल तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। समिति ने कॉलेज पहुंचकर पीड़ित छात्रा, उसके अभिभावकों, सहपाठियों और शिक्षकों से विस्तृत पूछताछ की।
जांच के दौरान कई छात्रों तथा स्टाफ सदस्यों ने प्रधानाचार्य के व्यवहार को अनुचित बताया और छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि की। समिति की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया कि प्रधानाचार्य का आचरण शिक्षक की गरिमा और पद की मर्यादा के बिल्कुल विपरीत है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेखित है कि प्रधानाचार्य द्वारा छात्रा को धमकी देना और परिजनों से जातिसूचक टिप्पणियाँ करना अत्यंत गंभीर मामला है।
प्रबंध समिति की आपात बैठक और निलंबन
जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद कॉलेज प्रबंध समिति की आपात बैठक प्रबंधक एडवोकेट ओमप्रकाश लाल श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रधानाचार्य शशि शेखर मिश्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया।
27 अक्टूबर को जारी आदेश में कहा गया कि अंतिम जांच पूरी होने तक निलंबित प्रधानाचार्य कॉलेज परिसर में प्रवेश नहीं करेंगे और किसी भी शैक्षणिक या प्रशासनिक कार्य में भाग नहीं ले सकेंगे। प्रबंध समिति ने वरिष्ठ प्रवक्ता योगेंद्र दूबे को कार्यवाहक प्रधानाचार्य का पूर्ण प्रभार सौंप दिया है, ताकि कॉलेज का शिक्षण-प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हो।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, आरोपी की तलाश तेज
कॉलेज प्रशासन की कार्रवाई के साथ-साथ बघौचघाट थाना पुलिस ने भी त्वरित कदम उठाए हैं। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रधानाचार्य शशि शेखर मिश्र के खिलाफ छेड़छाड़ की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलावा, परिजनों के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने पर SC/ST एक्ट के तहत भी अभियोग पंजीकृत किया गया है।
पुलिस टीम आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच चल रही है और आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कॉलेज प्रबंधन का बयान
प्रबंधक एडवोकेट ओमप्रकाश लाल श्रीवास्तव ने कहा कि छात्रा की सुरक्षा सर्वोपरि है और शिकायत मिलते ही तत्काल जांच शुरू की गई। उन्होंने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट में आरोप सही पाए गए, इसलिए बिना किसी देरी के निलंबन की कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि कॉलेज में छात्राओं की गरिमा और सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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