बोलता सच,अफवाह : मतदाता प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान पुरानी मतदाता सूची में अमिताभ पुत्र हरिवंशराय नाम मिलने से लोगों में उत्सुकता बढ़ गई। बुधवार को सोशल मीडिया पर सदर विधानसभा क्षेत्र के खुशीपुरा स्थित ओरछा गेट बाहर की सन् 2003 की मतदाता सूची वायरल हुई, जिसमें अमिताभ बच्चन पुत्र हरिवंशराय बच्चन का नाम दर्ज दिखाया गया। वायरल पोस्ट में अभिनेता के नाम के साथ तस्वीरें तक साझा की गईं।
जिला प्रशासन ने इस पूरे मामले को अफवाह और भ्रामक करार देते हुए स्पष्ट किया कि मौजूदा मतदाता सूची में ऐसे किसी नाम का कोई उल्लेख नहीं है।
2003 की वोटर लिस्ट में मकान नंबर 54 पर था नाम
सदर विधानसभा के मतदेय स्थल खुशीपुरा की वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट में मकान नम्बर 54 निवासी अमिताभ बच्चन पुत्र हरिवंशराय बच्चन का नाम दिखने की पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इसके बाद उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिव प्रताप शुक्ला ने एसडीएम सदर गोपेश तिवारी को जांच के निर्देश दिए। जांच में पाया गया कि वर्ष 2003 की वास्तविक सूची में अमिताभ पुत्र हरिवंशराय नाम तो दर्ज है, लेकिन न तो वह अभिनेता से संबंधित है और न ही दर्ज उम्र (76 वर्ष) किसी भी तरह मेल खाती है।
वर्तमान 2025 की मतदाता सूची में ऐसे किसी व्यक्ति का नाम मौजूद नहीं है, और न ही अब इस पते पर ऐसा कोई व्यक्ति रहता है। प्रशासन का कहना है कि वायरल पोस्ट में ‘बच्चन’ नाम का उपयोग कर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है, जिसका असली अमिताभ बच्चन से कोई संबंध नहीं है।
अभिनेता का नाम दिखने पर स्थानीय लोगों में चर्चा
सूची वायरल होते ही लोगों में कौतूहल बढ़ गया और पहली प्रतिक्रिया यही थी कि क्या यह वही ‘अमिताभ बच्चन’ हैं जिनके पिता हरिवंश राय बच्चन थे। लेकिन जल्द ही वास्तविकता सामने आने पर यह उत्सुकता खत्म हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह शायद कोई हमनाम व्यक्ति रहा होगा। बुजुर्ग बताते हैं कि पहले ऐसे नाम रखना आम बात थी, लेकिन पिता के नाम ‘हरिवंशराय’ की समानता ने सूची को और दिलचस्प बना दिया। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
संयोग: वर्ष 2003 में ही अमिताभ को बीयू की मानद उपाधि मिली थी
दिलचस्प बात यह है कि वर्ष 2003 में ही सिने स्टार अमिताभ बच्चन को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (BU) द्वारा 17 फरवरी 2003 को डीलिट की मानद उपाधि प्रदान की गई थी। उस समय राज्यपाल विष्णुकांत शास्त्री और कुलपति प्रो. रमेश चंद्र की मौजूदगी में यह उपाधि दी गई थी। उपाधि ग्रहण करने के लिए झांसी पहुंचे अमिताभ विशेष रूप से उत्साहित दिखाई दिए थे।
इसको भी पढ़ें : दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर संसद में हंगामा: विपक्षी सांसद गैस मास्क पहनकर पहुंचे, सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग
➤ You May Also Like






















































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































