बोलता सच,लखनऊ। आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को तालकटोरा थाना प्रकरण में बड़ी न्यायिक राहत मिली है। लखनऊ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय ने उनके खिलाफ जारी बी-वारंट को ‘अदम तामीला’ (निष्पादित न हो पाने वाला) घोषित करते हुए वापस करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद देवरिया जिला कारागार से उनकी रिहाई का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
यह मामला तालकटोरा थाना, लखनऊ में दर्ज मुकदमा संख्या 204/2025 (वर्तमान अपराध संख्या 6/2026, थाना गोमतीनगर विस्तार) से जुड़ा है, जिसमें अमिताभ ठाकुर पर धारा 420, 467, 471 और 120-बी आईपीसी के तहत आरोप लगाए गए थे।
30 जनवरी 2026 को हुई सुनवाई के दौरान अमिताभ ठाकुर की ओर से अधिवक्ता दीपक कुमार ने दो दिनों तक विस्तार से बहस की। उन्होंने न्यायालय को अवगत कराया कि अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति की अनावश्यक मांग की जा रही है, जबकि देवरिया न्यायालय (19 जनवरी 2026) और वाराणसी न्यायालय (9 जनवरी 2026) द्वारा पहले ही वैध जमानत आदेश पारित किए जा चुके हैं।
सुनवाई के दौरान पुलिस पक्ष अभियुक्त को रिमांड पर प्रस्तुत करने में असफल रहा। विवेचक ने बी-वारंट के आधार पर अगली तिथि देने या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रिमांड की मांग की, जिसे न्यायालय ने उपलब्ध जमानत आदेशों और विधिक प्रावधानों को देखते हुए खारिज कर दिया। इसके बाद सीजेएम न्यायालय ने बी-वारंट वापस करने के निर्देश जारी किए, जिसकी सूचना देवरिया जिला कारागार को भी भेज दी गई है।
बी-वारंट की वापसी के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि तालकटोरा और गोमतीनगर विस्तार प्रकरण के आधार पर अमिताभ ठाकुर की देवरिया जेल में निरुद्धता का अब कोई वैधानिक आधार नहीं रह गया है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
आज़ाद अधिकार सेना ने इस आदेश को न्यायिक निष्पक्षता और कानून के शासन की जीत बताया है। संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की स्वास्थ्य स्थिति, सुरक्षा और त्वरित न्याय के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि अमिताभ ठाकुर को शीघ्र पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त होगी।
इसको भी पढ़ें : सुल्तानपुर में खेत के पास पॉलीथीन में मिले महिला के कटे हाथ-पैर, इलाके में सनसनी
➤ You May Also Like























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































1 thought on “अमिताभ ठाकुर को बड़ी न्यायिक राहत, तालकटोरा प्रकरण में बी-वारंट वापस, देवरिया जेल से रिहाई का रास्ता साफ”