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मार्च 2026 से हाईवे पर ऑटोमैटिक टोल सिस्टम की तैयारी, कैमरे पढ़ेंगे नंबर प्लेट, दूरी के हिसाब से कटेगा शुल्क

Bolta Sach News
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Automatic toll system on highways from March 2026
बोलता सच,नई दिल्ली : केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय देश के एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर ऑटोमैटिक टोल वसूली प्रणाली लागू करने की तैयारी में है। नई व्यवस्था को मार्च 2026 से कुछ चुनिंदा मार्गों पर शुरू किया जा सकता है। प्रस्तावित सिस्टम के तहत हाईवे पर लगे कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन करेंगे और तय दूरी के आधार पर टोल राशि स्वतः काट ली जाएगी।

वर्तमान व्यवस्था क्या है?

फिलहाल देश के करीब 1.5 लाख किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे नेटवर्क में से लगभग 45,000 किलोमीटर पर टोल वसूला जाता है। देशभर में 1,000 से अधिक टोल प्लाजा संचालित हैं, जहां अक्सर लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। खासकर जब किसी वाहन में फास्टैग न हो या उसका खाता निष्क्रिय/ब्लॉक हो, तो यात्रियों को अधिक समय तक इंतजार करना पड़ता है।

कैसे काम करेगा नया सिस्टम?

सरकार ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक लागू करने की योजना बना रही है। इसके तहत भौतिक टोल बैरियर हटाए जा सकते हैं और हाईवे पर लगे कैमरे वाहन की नंबर प्लेट पढ़कर उसकी यात्रा की दूरी का आकलन करेंगे। उसी आधार पर टोल राशि की गणना की जाएगी। कुछ स्थानों पर इस तकनीक के लिए टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं और इसे चरणबद्ध तरीके से देशभर में लागू करने की योजना है।

क्या फास्टैग खत्म होगा?

नहीं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नई कैमरा-आधारित प्रणाली लागू होने के बाद भी फास्टैग की जरूरत बनी रहेगी। कैमरे केवल वाहन की पहचान और दूरी तय करेंगे, जबकि भुगतान मौजूदा फास्टैग प्रणाली के जरिए ही होगा।

यात्रियों को क्या फायदा?

नई व्यवस्था से टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत कम होगी, लंबी कतारों में कमी आएगी और यात्रा समय घटेगा। हालांकि वाहन चालकों को अपना फास्टैग सक्रिय और रिचार्ज रखना अनिवार्य रहेगा। यह कदम टोल वसूली को तेज, पारदर्शी और बाधारहित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।


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