बोलता सच,देवरिया। गोरखपुर ओवरब्रिज के पास स्थित मजार पर तीन और चार जनवरी को प्रस्तावित उर्स आयोजन को प्रशासन से अनुमति नहीं मिली है। सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी द्वारा इस आयोजन पर आपत्ति जताए जाने और प्रमुख सचिव गृह को शिकायत पत्र भेजे जाने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने प्रमुख सचिव गृह को पत्र लिखकर न केवल प्रस्तावित उर्स कार्यक्रम पर तत्काल रोक लगाने की मांग की, बल्कि मजार को अवैध बताते हुए उसे ध्वस्त कराने का भी आग्रह किया है। विधायक का कहना है कि जिस भूमि पर मजार स्थित है, वह पूरी तरह सरकारी बंजर भूमि है, ऐसे में वहां किसी भी प्रकार के आयोजन की अनुमति देना गंभीर विषय है।
जानकारी के अनुसार देवरिया–गोरखपुर मार्ग पर कुर्न नाला के पास स्थित आस्ताना हजरत शहीद सैय्यद अब्दुल गनी शाह बाबा पर दरगाह कमेटी द्वारा वार्षिक उर्स आयोजन के लिए अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) को आवेदन दिया गया था। आवेदन में तीन और चार जनवरी 2026 को उर्स आयोजित करने तथा कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया गया था।
आवेदन की जानकारी मिलते ही सदर विधायक ने आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया और आनन-फानन में उर्स आयोजन की अनुमति देने से इंकार कर दिया गया।
विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्वर्गीय रामनगीना यादव का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मजार के खिलाफ संघर्ष में उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी थी और उस संघर्ष को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
विधायक ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित उर्स आयोजन किसी भी हाल में नहीं होने दिया जाएगा और पूरे प्रकरण में कानून के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही उन्होंने नागरिकों से शांति बनाए रखने और कानून सम्मत तरीके से अपनी बात रखने की अपील की है।
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