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बिहार : शेखपुरा में दरोगा भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा, ‘मुन्ना भाई’ समेत तीन गिरफ्तार, महिला मास्टरमाइंड बेनकाबबोलता सच

Bolta Sach News
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Bihar Sub-Inspector recruitment exam in Sheikhpura
बोलता सच,शेखपुरा : बिहार के शेखपुरा जिले में दरोगा भर्ती परीक्षा के दौरान एक बार फिर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने दूसरे अभ्यर्थी के बदले परीक्षा दे रहे एक ‘मुन्ना भाई’ समेत तीन लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस पूरे गिरोह की मास्टरमाइंड एक महिला बताई जा रही है, जो नालंदा जिले की रहने वाली है।
यह मामला शेखपुरा शहर स्थित डीएम प्लस टू उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र का है। परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात वीक्षक की सूचना पर टाउन थाना पुलिस ने जांच की, जिसमें दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहा युवक पकड़ा गया। उसकी पहचान कुंदन कुमार, निवासी बेलसर गांव, नूरसराय थाना क्षेत्र (नालंदा) के रूप में हुई।
एएसपी डॉ. राकेश कुमार के अनुसार, आगे की जांच में सामने आया कि कुंदन को परीक्षा दिलाने में दो अन्य लोग सहयोग कर रहे थे। पुलिस ने परीक्षा केंद्र के बाहर से 32 वर्षीय सोनल कुमारी और राजीव कुमार को गिरफ्तार किया। सोनल कुमारी, जो बिहारशरीफ के खंदकपर मोहल्ले की रहने वाली है, को पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस फर्जीवाड़े का पूरा सेटलमेंट 8 लाख रुपये में तय हुआ था।
पुलिस ने सोनल कुमारी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। जांच के दौरान व्हाट्सएप चैट से दर्जनों अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड और विभिन्न परीक्षाओं से जुड़े कई डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह केवल दरोगा भर्ती परीक्षा ही नहीं, बल्कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी फर्जीवाड़ा कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, सोनल कुमारी ने कुंदन को दूसरे के बदले परीक्षा देने के लिए 30 हजार रुपये देने का वादा किया था, साथ ही यात्रा और अन्य खर्च भी तय किए गए थे।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और अपना नाम आदित्य कुमार बताया। परीक्षा केंद्र प्रशासन ने उसके बताए नाम से आवेदन भी तैयार कर लिया था, लेकिन कड़ी पूछताछ में आरोपी टूट गया और उसने अपना असली नाम स्वीकार कर लिया। बाद में आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों से उसकी पहचान की पुष्टि की गई।
एसपी ने बताया कि जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई थी। इसके बावजूद करीब 25 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहे। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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