साउथ इंडिया को देने का संदेश
नितिन नबीन ने अपने पहले दौरे के लिए पुडुचेरी को चुनकर दक्षिण भारत को एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। बीजेपी देश के अधिकांश हिस्सों में मजबूत स्थिति में है, लेकिन दक्षिण भारत में पार्टी अभी अपने संगठन को और विस्तार देने की दिशा में काम कर रही है। पुडुचेरी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और फिलहाल यहां एनडीए की सरकार है, ऐसे में यह दौरा रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
मंगलवार को पटना दौरा, भव्य रोड शो की तैयारी
पुडुचेरी दौरे के बाद नितिन नबीन मंगलवार को पटना जाएंगे, जहां बिहार बीजेपी ने उनके स्वागत के लिए भव्य रोड शो की तैयारी की है। यह पहली बार है जब बीजेपी ने अपने संगठन के शीर्ष पद के लिए बिहार से किसी नेता को चुना है, जिसे राज्य की राजनीति के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
बिहार से साउथ तक विस्तार की योजना
बिहार से विधायक नितिन नबीन ने पद संभालने के बाद दिल्ली से बाहर पहला कदम पुडुचेरी में रखा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी जहां उत्तर और पश्चिम भारत में लगभग पीक पोजिशन पर पहुंच चुकी है, वहीं दक्षिण भारत में संगठन को मजबूत करने की काफी संभावनाएं अभी बाकी हैं।
तमिलनाडु पर खास नजर
तमिलनाडु में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और बीजेपी वहां अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। हाल ही में बीजेपी ने एक बार फिर AIADMK के साथ गठबंधन किया है। हालांकि, सितंबर 2023 में AIADMK ने एनडीए से नाता तोड़ लिया था। उस समय AIADMK ने स्थानीय बीजेपी नेताओं पर आरोप लगाया था कि वे पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्रियों सी.एन. अन्नादुरई और जे. जयललिता की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
एनडीए से अलग होने के बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में AIADMK का प्रदर्शन कमजोर रहा। पार्टी तमिलनाडु में नौ सीटों पर तीसरे स्थान पर रही, एक सीट पर चौथे नंबर पर और सात सीटों पर उसकी जमानत जब्त हो गई थी।
बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि नए संगठनात्मक नेतृत्व और गठबंधन राजनीति के जरिए दक्षिण भारत में पार्टी की स्थिति को और मजबूत किया जा सकता है।
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