बोलता सच, महाराष्ट्र : मुंबई समेत महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव नतीजों ने राज्य की सियासत में नए संकेत दिए हैं। बीएमसी चुनावों के साथ हुए नगर निगम चुनावों में असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) एक मजबूत राजनीतिक ताकत के रूप में उभरी है। पार्टी ने पूरे राज्य में 126 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, कभी मुंबई में मजबूत पकड़ रखने वाली समाजवादी पार्टी (सपा) का प्रदर्शन इस बार कमजोर नजर आया है।
1992-93 के दंगों के बाद मुंबई की राजनीति में समाजवादी पार्टी ने तेजी से अपनी जगह बनाई थी और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की जगह मुस्लिम वोटरों की पसंद बनकर उभरी थी। लेकिन 2026 के बीएमसी चुनावों में सपा सिर्फ दो सीटों पर सिमट गई है। इसके उलट AIMIM ने आठ सीटें जीतीं और गोवंडी जैसे सपा के पारंपरिक गढ़ में भी सेंध लगाते हुए सात सीटों पर कब्जा जमाया। पहले गोवंडी में सपा के पास पांच सीटें थीं, जो अब घटकर दो रह गई हैं।
AIMIM की जीत में एक खास बात यह रही कि पार्टी से एक नॉन-मुस्लिम उम्मीदवार भी विजयी रहा। ओवैसी की पार्टी ने इसी हिंदू पार्षद विजय उबाले को बीएमसी में पार्टी का नेता नियुक्त किया है। इससे पार्टी की रणनीति और विस्तार की राजनीति पर भी चर्चा तेज हो गई है।
क्या मुस्लिम वोटरों का बदला रुझान?
बीएमसी चुनाव नतीजों के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या मुंबई के मुस्लिम मतदाताओं का समाजवादी पार्टी से मोहभंग हो रहा है। हालांकि वरिष्ठ उर्दू पत्रकार सईद हमीद का कहना है कि तस्वीर इतनी सरल नहीं है। उन्होंने फ्री प्रेस जर्नल से बातचीत में बताया कि बीएमसी में चुने गए 30 मुस्लिम कॉर्पोरेटरों में से सिर्फ सात AIMIM से हैं, जबकि बाकी कांग्रेस, शिवसेना, शिवसेना (UBT), दोनों एनसीपी और समाजवादी पार्टी से चुने गए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि मुस्लिम मतदाता अभी भी बड़ी संख्या में सेक्युलर दलों को वोट दे रहे हैं।
आंतरिक कलह का असर?
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि समाजवादी पार्टी को नुकसान उसकी आंतरिक खींचतान की वजह से हुआ। माना जा रहा है कि पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू आसिम आजमी और नेता रईस शेख के बीच मतभेदों का असर चुनावी प्रदर्शन पर पड़ा। चुनाव नतीजों के बाद अबू आजमी ने मानखुर्द-शिवाजी नगर की जनता का धन्यवाद करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से जनता के बीच सक्रिय रहने की अपील की थी।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में AIMIM के प्रमुख नेताओं में इम्तियाज शेख और वारिस पठान शामिल हैं। मुंब्रा सीट से सहर शेख ने भी ओवैसी की पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की है। इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि मुंबई की मुस्लिम राजनीति में समीकरण बदल रहे हैं, लेकिन पूरी तरह एक दल के पक्ष में झुकाव की तस्वीर अभी भी मिश्रित नजर आती है।
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