बोलता सच,लखनऊ : उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक उमाशंकर सिंह के आवास और ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी से सियासत गरमा गई है। इस कार्रवाई को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने भी सवाल उठाए हैं।
छापेमारी को लेकर सामने आया है कि आयकर विभाग की टीम सरकारी गाड़ियों की बजाय शादी की गाड़ियों में ‘बाराती’ बनकर पहुंची, ताकि किसी को शक न हो। वाहनों पर शादी से जुड़े स्टीकर लगाए गए थे। बताया जा रहा है कि करीब 25 घंटे से अधिक समय तक विधायक के आवास पर कार्रवाई जारी रही।
सात जिलों में एक साथ कार्रवाई
आयकर विभाग ने लखनऊ समेत सात जिलों में विधायक और उनके करीबियों के ठिकानों पर छापा मारा। यह कार्रवाई सड़क निर्माण और खनन ठेकों से जुड़ी कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद की गई। कौशांबी स्थित प्लांट पर भी टीम ने जांच की। जानकारी के मुताबिक, एयरपोर्ट से तपोस्थली तक बनने वाली फोर लेन सड़क परियोजना और अन्य ठेकों से जुड़े मामलों में दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।
‘बारात’ के अंदाज में पहुंची टीम
गोमतीनगर स्थित आवास और कार्यालय पर छापे के दौरान आयकर अधिकारी शादी वाले वाहनों में पहुंचे। गाड़ियों पर “महेंद्र कुमार संग संगीता कुमारी” जैसे शादी संबंधी स्टीकर लगाए गए थे। इस रणनीति के चलते टीम बिना किसी हंगामे के सीधे ठिकानों तक पहुंची और कार्रवाई शुरू की।
कंपनियों और सीएजी रिपोर्ट पर फोकस
उमाशंकर सिंह छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी और साईं राम इंटरप्राइजेज के नाम से सड़क निर्माण और खनन कार्यों से जुड़े हैं। पिछले वर्ष Comptroller and Auditor General of India (सीएजी) की रिपोर्ट में सोनभद्र में अवैध खनन से लगभग 60 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का उल्लेख किया गया था। माना जा रहा है कि इसी रिपोर्ट के बाद उनके ठिकानों की जांच तेज हुई।
बताया गया कि छात्रशक्ति इंफ्रा लिमिटेड को एयरपोर्ट से तपोस्थली तक की फोर लेन सड़क का ठेका मिला था। कंपनी पहले उमाशंकर सिंह के नाम पर थी, वर्तमान में उनकी पत्नी इसके निदेशक पद पर हैं।
दस्तावेजों की जांच जारी
बलिया के रसड़ा से विधायक के कौशांबी स्थित प्लांट पर भी आयकर टीम ने छापा मारा। कर्मचारियों से दस्तावेज लेकर उनकी जांच की जा रही है। आयकर विभाग की यह कार्रवाई कई स्थानों पर एक साथ की गई। फिलहाल विभाग की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है और जांच जारी है।
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