प्रदेश सरकार की ओर से 11 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। इस बार बजट का आकार करीब 9 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना जताई जा रही है, जो अब तक का सबसे बड़ा बजट हो सकता है। सरकार का फोकस प्रदेश के समग्र विकास और आम जनता की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर रहेगा। खास तौर पर सड़क, पुल, शहरी विकास और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर बड़े पैमाने पर निवेश किए जाने के संकेत हैं।
गौरतलब है कि पिछले वित्तीय वर्ष में उत्तर प्रदेश का बजट 8.08 लाख करोड़ रुपये का था, जो उससे पहले के साल की तुलना में लगभग 9.8 प्रतिशत अधिक था। इस बार बजट में और बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने और उनकी पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दे सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, बजट में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, किसानों की आय में सुधार और गरीब व जरूरतमंद वर्ग के लिए चलाई जा रही योजनाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान किए जा सकते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को और मजबूत करने की तैयारी है, ताकि समाज के हर वर्ग को इनका लाभ मिल सके।
इसके अलावा कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर भी बजट में खास ध्यान दिया जा सकता है। पुलिस आधुनिकीकरण, तकनीकी संसाधनों और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त धनराशि आवंटित होने की संभावना है।
अनुमान के अनुसार, कुल बजट का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया जा सकता है। वहीं शिक्षा के लिए लगभग 15 प्रतिशत, कृषि के लिए 12 प्रतिशत, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 8 प्रतिशत और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए करीब 5 प्रतिशत बजट निर्धारित किया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य विकास की रफ्तार बनाए रखने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन और संतुलन को भी कायम रखना है। कुल मिलाकर, आने वाला बजट प्रदेश की विकास यात्रा को नई गति देने और आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने पर केंद्रित रहने की उम्मीद है।