पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया गया कि दोनों आरोपी खुद को बाबा बताकर घर में पूजा करा रहे थे, जबकि बाद में पता चला कि वे मुस्लिम हैं।
क्या है पूरा मामला
ओड़वार गांव निवासी बेचू सैनी की पुत्रवधू को संतान नहीं है। चार दिन पहले दो व्यक्ति बाबा का वेश धारण कर उनके घर पहुंचे। उन्होंने संतान प्राप्ति की समस्या बताने पर चार दिनों तक विशेष पूजा-पाठ कराने और खर्च आने की बात कही, जिस पर परिवार राजी हो गया।
पूजा के दौरान फर्जी बाबाओं ने घर की महिलाओं से दो मटके मंगवाए—एक में सोने के और दूसरे में चांदी के गहने रखवाए। दोनों मटकों को लाल कपड़े से बांधकर बताया गया कि शुक्रवार की रात मटका खोला जाएगा, और उसी से संतान का भविष्य बताया जाएगा।
ऐसे किया गुमराह
शुक्रवार की रात पूजा के दौरान बाबाओं ने अगरबत्ती जलाकर देवी-देवताओं को दिखाने के बहाने घर के अंदर-बाहर भ्रम बनाया और मटकों में रखे गहनों पर हाथ साफ कर दिया। बेचू को इस दौरान शक हो गया।
शक की पुष्टि के लिए उन्होंने अपने बेटे को चुपके से फोन कर मटकों की जांच कराई। जांच में लाल कपड़े में ईंट-पत्थर के टुकड़े निकले। इसके बाद बेचू ने दोनों बाबाओं की वीडियो बनाते हुए तलाशी ली, जिसमें घर की महिलाओं के गहने उनकी जेब से बरामद हुए।
पुलिस के हवाले किए गए आरोपी
घटना की सूचना 112 नंबर पर दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंचाया।
सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है।