दिल्ली हवाईअड्डे से चंद्रशेखर आजाद मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव जा रहे थे। उनके आगमन की सूचना मिलते ही इंदिरापुरम, खोड़ा और कौशांबी थाना पुलिस ने फोर्स के साथ यूपी गेट पर बैरिकेडिंग कर दी। जैसे ही भीम आर्मी प्रमुख का काफिला यूपी गेट पहुंचा, पुलिस ने वाहन रोक दिया।
गाड़ी रुकते ही चंद्रशेखर आजाद कार से उतरकर पैदल मेरठ की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान जब इंदिरापुरम थाना प्रभारी रविंद्र गौतम ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो वहां हंगामा शुरू हो गया। पुलिस और सांसद के बीच खींचतान तक की नौबत आ गई। करीब 30 मिनट तक बहस, समझाइश और नोकझोंक चलती रही, लेकिन चंद्रशेखर आजाद रुकने को तैयार नहीं हुए।
इसी दौरान उन्होंने पुलिस को चकमा देते हुए डिवाइडर लांघकर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर प्रवेश किया और किसी अन्य वाहन में बैठकर वहां से निकल गए। भारी ट्रैफिक के चलते पुलिस उन्हें तत्काल पकड़ नहीं सकी। इसके बाद पुलिस फोर्स के साथ तीन थाना प्रभारी भोजपुर बॉर्डर की ओर रवाना हुए।
घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें चंद्रशेखर आजाद पुलिस से कहते नजर आ रहे हैं— “गलती से हाथ मत लगा देना… मेरा गिरेबान पकड़ोगे? मुझे कोहनी मार रहे हो।” वहीं, एक महिला पुलिसकर्मी के बातचीत करने पर उन्होंने कहा— “आप कौन हैं? मैं आपका जूनियर नहीं हूं। हमारी बहनों की इज्जत लूटी जा रही है और आपको शांति की पड़ी है।”
सांसद की मौजूदगी की सूचना पर मोदीनगर के भोजपुर क्षेत्र में ट्रैफिक रोक दिया गया, जिससे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भीषण जाम लग गया। लंबे समय तक जाम रहने से आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस हालात पर काबू पाने में जुटी रही।