नया सिस्टम पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) की तर्ज पर काम करेगा। इसके लागू होने के बाद यह स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा कि गृहकर की कुल मांग कितनी है, वसूली कितनी हुई है और किस संपत्ति पर कितना बकाया है। हर मकान, दुकान और कार्यालय के टैक्स से जुड़ा पूरा ब्योरा शासन एक क्लिक पर देख सकेगा। इसके लिए शासन की ओर से एक विशेष PTMS पोर्टल तैयार किया गया है, जिसे सभी स्मार्ट सिटी कमांड कंट्रोल सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इस संबंध में हाल ही में शासन स्तर पर उच्चस्तरीय बैठक भी हो चुकी है।
सभी संपत्तियों को मिलेगा यूनिक आईडी
नए सिस्टम के तहत प्रदेश के सभी घरों को 16 अंकों का यूनिक आईडी नंबर दिया जाएगा। प्रत्येक मकान पर एक विशेष नंबर प्लेट लगाई जाएगी, जिसमें चिप होगी। इस चिप में उस संपत्ति से जुड़ा पूरा डेटा फीड रहेगा। यूनिक आईडी डालते ही मकान मालिक, टैक्स स्थिति और बकाया समेत सारी जानकारी सामने आ जाएगी। यह व्यवस्था चार साल पहले हुए GIS सर्वे का हिस्सा थी, जिसे अब पूरा किया जा रहा है।
गूगल मैप पर दिखेगा आपका घर
PTMS के जरिए गृहकर के दायरे में आने वाली सभी संपत्तियों को गूगल मैप पर अपलोड किया जाएगा। इससे लोग ऑनलाइन अपने मकान या दुकान को मैप पर देख सकेंगे और गृहकर से जुड़ी पूरी जानकारी आसानी से प्राप्त कर पाएंगे।
पुराना सॉफ्टवेयर होगा बंद
जानकारों के मुताबिक, नया सिस्टम लागू होते ही नगर निगमों में अभी इस्तेमाल हो रहा NIC का गृहकर सॉफ्टवेयर बंद कर दिया जाएगा। पुराने सिस्टम का पूरा डेटा नए PTMS पोर्टल पर ट्रांसफर किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पुरानी व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी।
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा कि यह व्यवस्था बेहद उपयोगी साबित होगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और जो लोग अभी तक गृहकर नहीं जमा कर रहे हैं, वे भी सिस्टम में आ जाएंगे। स्मार्ट सिटी से संपत्तियों के लिंक होने से किसी भी समय कोई भी जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकेगी।
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