सीएम ने यामानाशी में आयोजित यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो में हिस्सा लेते हुए उत्तर प्रदेश की नई विकास नीति और निवेश संभावनाओं को वैश्विक उद्योग जगत के सामने रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने शासन की कार्यशैली को “रिएक्टिव” से बदलकर “प्रोएक्टिव” बनाया है, जो तेज आर्थिक प्रगति का आधार बना है।
ग्रीन हाइड्रोजन पर ऐतिहासिक समझौता
सीएम ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को उत्तर प्रदेश की इंडस्ट्री, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ऊर्जा क्षेत्र में लागू किया जाएगा। यह पहल नरेंद्र मोदी के नेट जीरो लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी। उन्होंने कहा कि यह सहयोग ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा और नई तकनीक को आमजन तक पहुंचाने में मदद करेगा।
तकनीक और भविष्य के क्षेत्रों पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने रोबोटिक्स को भविष्य की प्रमुख तकनीक बताते हुए कहा कि यूपी सरकार ने बजट में रोबोटिक्स के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का प्रावधान किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यामानाशी के साथ सहयोग भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाई देगा।
‘रिएक्टिव से प्रोएक्टिव’ मॉडल
सीएम ने कहा कि पहले शासन व्यवस्था समस्याओं पर केवल प्रतिक्रिया देती थी, लेकिन अब प्रोएक्टिव गवर्नेंस मॉडल अपनाया गया है। निवेश आकर्षित करने, उद्योगों को सुविधा देने और वैश्विक साझेदारी बढ़ाने की दिशा में सरकार लगातार प्रयासरत है।
यूपी के प्रतिनिधिमंडल ने टोक्यो में जी2जी (गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट) और जी2बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) बैठकों में भी भाग लिया। जापान स्थित भारतीय दूतावास के सहयोग से जापानी उद्योग समूहों के साथ व्यापक संवाद हुआ।
यामानाशी से गहरे होते संबंध
सीएम ने यामानाशी के राज्यपाल कोटारो नागासाकी और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2024 में राज्यपाल के उत्तर प्रदेश दौरे के बाद दोनों पक्षों के बीच संवाद और प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान से सहयोग को नई दिशा मिली है।
इस अवसर पर उपराज्यपाल जुनिचि इशिदरा, यूपी के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता, जापान में भारत की राजदूत नगमा मलिक समेत कई उद्योग जगत के प्रतिनिधि और भारतीय समुदाय के सदस्य मौजूद रहे।