बोलता सच,देवरिया : देवरिया के रुद्रपुर नगर में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने इलाज का बहाना बनाकर एक जन सेवा केंद्र संचालक के बैंक खाते का दुरुपयोग करते हुए करीब 16 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन करा दिया। लेनदेन असामान्य पाए जाने पर बैंक ने तत्काल खाते को होल्ड कर दिया, जिससे आगे की निकासी नहीं हो सकी। पुलिस ने इस मामले में तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कृतपुरा गांव निवासी राहुल मौर्य और राजेश मौर्य रुद्रपुर नगर क्षेत्र के चौहट्टा वार्ड और पकड़ी बाजार नगवा में सहज जन सेवा केंद्र का संचालन करते हैं। पीड़ितों के अनुसार, 5 दिसंबर को पकड़ी बाजार और नैपुर निवासी तीन युवक उनके केंद्र पर पहुंचे। उन्होंने अपने एक परिजन के गंभीर रूप से बीमार होने का हवाला देते हुए बाहर से इलाज के लिए रुपये मंगाने की बात कही और अपने खाते में पैसे न मंगवा पाने की मजबूरी जताई।
युवकों की बातों पर विश्वास कर जन सेवा केंद्र संचालकों ने अपने बैंक खाते में धन मंगवाने की अनुमति दे दी। आरोप है कि इसी दौरान तीनों युवकों ने साइबर ठगी के जरिए कहीं से लगभग 16 लाख रुपये उनके खाते में ट्रांसफर करवा दिए। जब बैंक को खाते में अचानक हुए भारी और संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली, तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने एहतियातन खाते को होल्ड कर दिया।
पीड़ितों की तहरीर पर पुलिस ने मोहन मिश्रा पुत्र वेनी माधव मिश्रा, मनीष गोड़ पुत्र रामसेवक गोड़ और सूरज चौबे पुत्र प्रेम चौबे के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। तीनों आरोपी नगवा, पकड़ी बाजार और नैपुर थाना मदनपुर क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
क्षेत्राधिकारी हरिराम यादव ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और साइबर ठगी से जुड़े सभी बिंदुओं की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी की रकम कहां से आई और इसके पीछे किसी संगठित साइबर गिरोह की भूमिका तो नहीं है।
पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते का इस्तेमाल न करें और किसी भी तरह के संदिग्ध लेनदेन की जानकारी तुरंत बैंक या पुलिस को दें।
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